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रेप के आरोपी कोच अंकुश भारद्वाज नेशनल शूटर कैसे बने थे?

Faridabad Rape : नेशनल शूटिंग कोच Ankush Bhardwaj पर 17 साल की शूटर ने रेप के आरोप लगाए हैं. इसके बाद, NRAI ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. ये पहली बार नहीं है जब वो किसी विवाद में फंसे हैं. 2010 में डोप टेस्ट में फेल होने के बाद भी उन पर बैन लग चुका है.

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नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 साल की शूटर ने रेप का आरोप लगाया है. (फोटो- सोशल मीडिया)

हरियाणा से खेल जगत को शर्मसार करने वाली एक खबर आई. नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज (Ankush Bhardwaj) पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने 17 साल की नाबालिग शूटर का यौन उत्पीड़न किया है. आरोप है कि उन्होंने शूटर को परफॉर्मेंस रिव्यू के बहाने होटल बुलाया और फिर उसके साथ रेप किया. पुलिस ने FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. मामले पर संज्ञान लेते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने भी आरोपी कोच को सस्पेंड कर दिया है. अंकुश भारद्वाज पहली बार विवादों में नहीं घि‍रेे हैं. 2010 में डोप टेस्ट में फेल होने के लिए उन पर बैन लग चुका है. 

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पहला इंटरनेेेशनल मेडल कोच की पिस्टल से जीता

अंकुश भारद्वाज बतौर कोच करियर शुरू करने से पहले खुद भी राष्ट्रीय स्तर के शूटर रहे हैं. उनका ये सफर आसान नहीं रहा है. वह हरियाणा के अंबाला के रहने वाले हैं. माता-पिता दोनों श‍ि‍क्षक थे. इसके बावजूद परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो उन्हें पिस्टल दिला सकें. साल 2005 में उन्होंने NCC कैंप से शूटिंग शुरू की. यहां उनके टैलेंट का पता लगने के बाद परिवार ने शूटिंग की कोचिंग दिलाने का फैसला किया. 

अंकुश देहरादून के जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग एंड स्पोर्ट्स पहुंच गए. वहां 2 साल की ट्रेनिंग रंंग लाई. 2007 में अंकुश ने आगरा में हुए जीवी मावलांकर शूटिंग कॉम्पिटिशन में 3 गोल्ड मेडल जीतकर नेशनल टीम में जगह बना ली. उनका पहला इंटरनेशनल मेडल 2008 में आया. उन्होंने पुणे में हुए कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता. पहला इंटरनेशनल मेडल जीतने से पहले, अंकुश के पास अपनी पिस्टल तक नहीं थी. उन्होंने इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में कोच सुभाष राणा की पिस्टल यूज की थी. जब केंद्र सरकार से उन्हें 1.5 लाख रुपये मिले तभी वो पिस्टल खरीद पाए थे.  

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2010 में डोप टेस्ट में फेल

अंकुश का सितारा चमकना शुरू हो चुका था. लेकिन जल्दी ही विवादों ने इस चमक पर दाग लगा दिया. साल 2010 में अंकुश बड़ी कंट्रोवर्सी में फंस गए. स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने उन्हें डोपिंग नियम के उल्लंघन का दोषी पाया और उन पर बैन लगा दिया. जर्मनी के सुल में हुए एक जूनियर इवेंट के दौरान वह बीटा ब्लॉकर पॉजिटिव पाए गए थे. 

दो साल बैन के बाद 2012 में अंकुश ने इंटरनेशनल स्तर पर वापसी की. उन्होंने फिर मेहनत की. लेकिन, 2016 से पहले वो कोई मेडल नहीं जीत सके. 2010 में जर्मनी में लगे दाग को उन्होंने 6 साल बाद वहीं पर धोया. हैनओवर में हुए इंटरनेशनल शूटिंग कॉम्पिटिशन में 25 मीटर पिस्टल में अंकुश ने गोल्ड मेडल जीता. ये एक टीम इवेंट था. अंकुश के साथ टीम में महावीर सिंह, रौनक पंडित, समरेश जंग और अर्पि‍त गोयल भी शामिल थे. 

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दो बार की ओलंपियन हैं पत्नी  

2022 में अंकुश ने साथी शूटर अंजुम मौदगिल के साथ शादी की. अंजुम भी दो बार की ओलंपियन हैं. टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भाग ले चुकीं हैं. 2018 वर्ल्ड चैंपियनश‍िप की वो सिल्वर मेडलिस्ट भी हैं. साथ ही 2025 वर्ल्ड कप में भी वह भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं. 

वहीं, अंकुश हाल में ही नेशनल शूटिंग कोच बने थे. 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद NRAI के रेकमंडेशन पर ही SAI ने अंकुश को 37 लोगों की कोचिंग टीम में शामिल किया था. लेकिन, अब रेप के आरोप के बाद NRAI ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है.   

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