नोबेल पीस प्राइज के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ‘लालसा’ किसी से छिपी नहीं है. साल 2025 में ट्रंप ने नोबेल के लिए खूब ताल ठोकी, लेकिन खाली हाथ रह गए. अब उनके पास इसे पाने का एक और ‘सुनहरा मौका’ आया तो नोबेल कमेटी ने फिर अड़ंगा लगा दिया. 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वालीं वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रंप के साथ अपना नोबेल प्राइज शेयर करने की इच्छा जताई है लेकिन पुरस्कार देने वाली कमेटी ने इस पर सीधे 'NO' बोल दिया है.
डॉनल्ड ट्रंप को मिलने वाला था नोबेल! कमेटी ने 'भांजी' मार दी
Donald Trump Nobel Prize: Nicolas Maduro को पकड़कर अमेरिका लाए जाने के बाद भी María Corina Machado को Venezuela का सर्वोच्च पद नहीं मिल सका. इसके बजाय वेनेजुएला की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिग्ज ने मादुरो की जगह ली और अंतरिम राष्ट्रपति बनीं.


मचाडो की नोबेल शेयर करने की बात पर खुद ट्रंप भी राजी हैं. दोनों के बीच पक रही खिचड़ी की खबर नोबेल कमेटी के पास भी पहुंची. कमेटी ने 2025 में ट्रंप को नोबेल दिया नहीं था. अब नोबेल को ‘बांटने’ से भी मना कर दिया. शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने कहा,
एक बार नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद इसे रद्द नहीं किया जा सकता. बांटा नहीं जा सकता. या दूसरों को दिया नहीं किया जा सकता. यह फैसला आखिरी होता है और हमेशा के लिए लागू रहता है.
नोबेल कमेटी ने अपने बयान में लिखा कि उसके और नॉर्वेजियन नोबेल इंस्टीट्यूट के पास नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता के स्थाई तौर पर पुरस्कार रखने को लेकर काफी सवाल आते हैं. इसके बाद कमेटी ने आगे कहा कि उसका फैसला आखिरी होता है और हमेशा रहता है.

कमेटी का ये बयान ऐसे समय पर आया, जब मचाडो ने खुले तौर पर ट्रंप के साथ अपना नोबेल पीस प्राइज शेयर करने की ख्वाहिश का इजहार किया था. इस पर ट्रंप ने भी रजामंदी जताई. 8 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि अगर मारिया कोरिना मचाडो अपना नोबेल शांति पुरस्कार उनके साथ शेयर करने का फैसला करती हैं तो यह 'बहुत सम्मान की बात होगी.'
ट्रंप ने पहले भी कई बार खुद को ‘नोबेल शांति पुरस्कार के लायक’ उम्मीदवार बताया है. उन्होंने दावा किया कि अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के पहले 8 महीनों में उन्होंने 8 युद्ध खत्म कराए. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जितने भी युद्ध रोके हैं, हर युद्ध के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि ये बड़े युद्ध थे. ऐसे युद्ध जिन्हें कोई नहीं सोच सकता था कि रोका जा सकता है.
अगले हफ्ते मचाडो से मिलेंगे ट्रंपबता दें कि अगले हफ्ते ट्रंप और मचाडो की वाशिंगटन में मुलाकात होगी. बीते दिनों ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी पर हमला किया था. अमेरिका ने नार्को-टेरर साजिश समेत कई आरोपों में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क की कोर्ट में पेश किया गया.
मादुरो को पकड़कर अमेरिका लाए जाने के बाद भी मचाडो को वेनेजुएला का सर्वोच्च पद नहीं मिल सका. इसके बजाय वेनेजुएला की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिग्ज ने मादुरो की जगह ली और अंतरिम राष्ट्रपति बनीं.
वीडियो: दुनियादारी: ईरान में भारी विरोध प्रदर्शन के पीछे ट्रंप और नेतन्याहू का हाथ?











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