'मैं शराब की तरह हूं. मुश्किल विकेट पर ऐसी पारी खेलना संतोषजनक रहा.'महेंद्र सिंह धोनी वनडे के बेस्ट फिनिशर कहे जाते हैं. उन्होंने कहा,
'पिछले करीब एक-डेढ़ साल से हमारा टॉप ऑर्डर ही ज्यादातर रन बना रहा है. ऐसे में मौका कम ही मिलता है. और जब मौका मिलता है तो रन बनाना अच्छा लगता है. इस विकेट पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था, और यही इस पारी को खास बनाता है.'टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक धोनी का कहना था कि इस विकेट पर उछाल और स्पीड समान नहीं थी. ऐसे में साझेदारी करना बहुत ज़रूरी था. मेरे दिमाग में 250 रन बनाने का लक्ष्य था. केदार और मेरी साझेदारी के दम पर हम वहां तक पहुंच गए. गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया. मैच के दौरान धोनी विकेट के पीछे से कई बार अश्विन और कुलदीप को गाइड करते भी दिखे. इस बारे में धोनी का कहना था, 'स्पिनर्स को गाइड करते रहना जरूरी है. आईपीएल में कुलदीप ने काफी गेंदबाजी कर चुके हैं, लेकिन जब इंटरनेशनल क्रिकेट हो तो मालूम होना चाहिए कि आखिर वैरायटी का इस्तेमाल कहां करना चाहिए. जब वह 5-10 मैच खेल लेंगे तो उन्हें खुद इस बात का अहसास होगा. अच्छी बात यह है कि पिछले मैच के मुकाबले उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की.'
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इस तरह धोनी ने उन सबका मुंह बंद किया, जो देशभक्ति के नाम पर मैच का बहिष्कार कर रहे हैं























