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धोनी ने प्ले-ऑफ में पहुंचते ही बता दिया, इतनी सफल कैसे है चेन्नई

'सफलता की कोई रेसिपी नहीं होती.'

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धोनी ने बताई चेन्नई कैसे इतनी सफल है (स्क्रीनग्रैब)

सफलता की कोई रेसिपी नहीं होती. इंडियन प्रीमियर लीग के दूसरे सबसे सफल कप्तान, महेंद्र सिंह धोनी ने दिल्ली को हराने के बाद इन शब्दों के साथ अपनी बात शुरू की. धोनी ने और भी बहुत कुछ कहा.

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चलिए मैच का हाल जानने से पहले, यही जान लेते हैं कि तला क्या बोले. धोनी ने कहा,

‘सफलता की कोई रेसिपी नहीं होती. आप कोशिश करते हैं और बेस्ट प्लेयर्स को लाकर उन्हें परफॉर्म करने के लिए बेस्ट स्लॉट देते हैं. और उन एरियाज में उन्हें बेहतर करते हैं, जहां वो कमजोर हैं. टीम के लिए किसी को अपना स्लॉट क़ुर्बान करना ही पड़ता है.’

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धोनी ने प्लेयर्स के साथ मैनेजमेंट की भी तारीफ़ की. वह बोले,

‘मैनेजमेंट को भी क्रेडिट जाता है, वे हमेशा हमें सपोर्ट करते हैं. लेकिन, प्लेयर्स सबसे ज्यादा जरूरी हैं. प्लेयर्स के बिना हम कुछ नहीं कर सकते.'

धोनी ने डेथ ओवर्स में बोलिंग के लिए अपने बोलर्स की भी तारीफ़ की. वह बोले,

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'मैं सोचता हूं कि डेथ बोलिंग में कॉन्फिडेंस बहुत महत्वपूर्ण है. तुषार डेवलप हुए क्योंकि वह अंडर प्रेशर परफॉर्म कर पा रहे हैं. अब उनके पास आत्मविश्वास है. और जब आप सेम प्लेयर्स के साथ खेलते रहते हैं, इससे मदद मिलती है. मैं सोचता हूं कि बोलर्स ने भी जिम्मेदारी ली है. पतिराना डेथ्स में बोलिंग करने के लिए नैसर्गिक हैं, लेकिन देशपांडे ने यहां सच में विकास किया है.’

धोनी ने इसके बाद अपना सेलेक्शन मंत्र भी शेयर किया. वह बोले,

‘मैं सोचता हूं कि हमें ऐसे प्लेयर्स को खोजना और मौका देना है जो टीम को पहले रखें. व्यक्तिगत परफॉर्मेंस की चिंता ना करते हुए नॉकआउट्स में अपना बेस्ट दें. बाहर बैठकर जज करना मुश्किल होता है, हम प्लेयर्स और माहौल के साथ एडजस्ट करने की कोशिश भी करते हैं. अगर वे 10 परसेंट पर भी आते हैं, हम उन्हें टीम में बेहतर फिट करने के लिए 50 परसेंट तक एडजस्ट कर सकते हैं.’

दिल्ली को हराने के साथ ही चेन्नई ने प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली. उन्होंने 14 मैच में 17 पॉइंट्स बनाए. और नंबर दो पर रहते हुए प्ले-ऑफ में पहुंचे. टीम ने अपने आखिरी लीग गेम में दिल्ली कैपिटल्स को हराया.

दिल्ली में टॉस जीतकर धोनी ने पहले बैटिंग का फैसला किया था. रुतुराज गायकवाड़ और डेवन कॉन्वे ने बेहतरीन बैटिंग की. कॉन्वे ने 52 गेंदों में 87 जबकि गायकवाड़ ने 50 गेंदों में 79 रन की पारी खेली. शिवम दुबे ने नौ गेंदों पर 22 जबकि रविंद्र जडेजा ने सात गेंदों पर 20 रन बनाए. चेन्नई ने बीस ओवर्स में तीन विकेट खोकर 223 का स्कोर खड़ा किया.

जवाब में डेविड वार्नर की 58 गेंदों पर 86 रन की पारी के बावजूद दिल्ली वाले बीस ओवर्स में 146 रन ही बना पाए. चेन्नई के लिए दीपक चाहर ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए, जबकि मतीशा पतिराना और महीश तीक्षणा ने दो-दो विकेट लिए.

अब चेन्नई पहले क्वॉलिफायर में गुजरात टाइटंस से खेलेगी. मंगलवार, 2 मई को होने वाला ये मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा.

वीडियो: धोनी का चेन्नई के लिए प्यार, बैन हुए सालों में ऐसे बात करते थे

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