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बेबी किक और बंप के साथ 8 महीने प्रेगनेंट मेघना ने कैसे जीता गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल?

32 साल की Meghana Sajjanar राइफल शूटर हैं. उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल जीता. वहीं, टीम इवेंट में गोल्ड जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहीं. उनके मेडल्स के पीछे की कहानी प्रेरित करने वाली है.

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32 साल की मेघना राइफल शूटर हैं. (Photo-NRAI/PTI)

जब भी कोई महिला खिलाड़ी प्रेगनेंट होती है तो अकसर इसे उनके करियर का अंत मान लिया जाता है. और ऐसा न भी हो तो बच्चे के होने तक उनके कमबैक का इंतजार किया जाता है. ऐसा बहुत कम ही होता है कि कोई खिलाड़ी अपनी प्रेगनेंसी के दौरान इंटरनेशनल इवेंट में हिस्सा ले. हालांकि, भारतीय शूटर मेघना सज्जानर ने न सिर्फ इंटरनेशन इवेंट में हिस्सा लिया. बल्कि देश के लिए दो मेडल भी जीते. वो भी अपनी प्रेगनेंसी के आठवें महीने में. मेघना की तारीफों में सोशल मीडिया भरा पड़ा है. इसमें दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु भी शामिल हैं.

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प्रेगनेंसी में शूटिंग कर रहीं मेघना

32 साल की मेघना राइफल शूटर हैं. उन्होंने दिल्ली में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल जीता. वहीं, टीम इवेंट में गोल्ड जीतने वाली तिकड़ी का भी हिस्सा रहीं. अपने इवेंट के बाद उन्होंने बताया कि प्रेगनेंसी के आठवें महीने में जब बच्चा आपको गर्भ में किक कर रहा होता है तब सांस रोक कर सटीक निशाना लगाना आसान नहीं है.  इससे पहले, प्रेगनेंसी में ही उन्होंने पिछले साल चीन में वर्ल्ड कप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था. मेघना ने बताया कि वह उस समय भी जानती थीं कि वह प्रेगनेंट है.

मेघना ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

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हां, मुझे उस समय भी पता था (ब्रॉन्ज जीतने के बाद). मैंने तय किया था कि मुझे फरवरी तक खेलना है और फिर ब्रेक लेना है.

जैकेट की होती है लगातार फीटिंग 

मेघना को प्रेगनेंसी के दौरान शूटिंग करने के लिए कई मुश्किलों से दो-चार होना पड़ा. इस दौरान उन्हें लगातार अपनी राइफल जैकेट और ट्राउजर को ऑल्टर (फिटिंग में एडजस्टमेंट) करना पड़ा. मेघना ने कहा,

मैं लगातार अपने ट्राउजर और जैकेट ऑल्टर करती थी. हर रोज ऐसा करना आसान नहीं होता क्योंकि शूटर्स एक ही जैकेट में सहज होते हैं और उसे ही लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं. मैं बटन के बीच में एक्सट्रा कपड़ा लगाकर उसे ऑल्टर करवाती ताकी जैकेट की स्टिफनेस बनी रहे.

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मेघना का वजन भी बढ़ता रहा और उन्हें शूटिंग करते हुए बैलेंस बनाने में भी परेशानी आती थी. उन्होंने बताया,

प्रेगनेंट होने के बाद से मुश्किल बढ़ गई है. शरीर का वजन बदलने की वजह से बैलेंस बनाना मुश्किल था, लेकिन आखिरकार मैंने इस पर काम किया. मेरी टीम के साथियों ने बहुत मदद की. वह ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन में मेरा गियर और इक्विपमेंट उठाने में मेरी मदद करते हैं. तो, कुल मिलाकर, इस मेडल को हासिल करने में सबने मेरी मदद की है.

पीवी सिंधु ने भी की तारीफ

पीवी सिंधु ने मेघना के मेडल जीतने के फौरन बाद तारीफ करते हुए एक्स पर खास पोस्ट लिखा. उन्होंने लिखा,

प्रेगनेंसी का आठवां महीना और शूटिंग रेंज पर उतरकर ब्रॉन्ज मेडल जीतना. मेघना, मेरी दोस्त, तुम्हें यह सब करते देखकर मेरे दिल में आपके लिए बहुत सम्मान की भावना आती है.  आप हमें याद दिलाती हो कि ताकत कई रूपों में आती है और हिम्मत और हौसला हमेशा रास्ता ढूंढ ही लेते हैं. आपकी जैसी मज़बूत महिलाएं सिर्फ़ प्रेरणा ही नहीं देतीं, बल्कि आप हम सबको थोड़ा और ज़्यादा विश्वास दिलाती हो. ऐसे ही आगे बढ़ते रहो और प्रेरणा देती रहो.

मेघना ने जिस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता, उसी इवेंट का गोल्ड मेडल ओलंपियन इलावेनिल वलारिवन के नाम रहा. दबाव में शानदार संयम दिखाते हुए उन्होंने जापान की मिसाकी नोबाटा की कड़ी चुनौती को पछाड़ दिया. इलावेनिल, आर्या बोर्से और मेघना सज्जनर की तिकड़ी ने टीम इवेंट में भी भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता.

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