फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से जो हादसा हुआ था, उस मामले में 2 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. हादसे में लोगों को बचाते हुए 58 साल के सब-इंस्पेक्टर (SI) जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी. साल 2019-20 में हरियाणा के राज्यपाल की ओर से उन्हें पुलिस मेडल से नवाजा गया था. महीने भर बाद ही प्रसाद रिटायर होने वाले थे. मार्च 2026 में उनका रिटायरमेंट था.
सूरजकुंड झूला हादसा केस में 2 गिरफ्तार, जान गंवाने वाले सब-इंस्पेक्टर को मिला था मेडल
Faridabad Surajkund Mela Accident: सब-इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने साल 1989 में हरियाणा की आर्म्ड पुलिस को ज्वॉइन किया था. मार्च 2026 में उनकी हरियाणा पुलिस में 36 साल की सेवा समाप्त होने वाली थी.


आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया कि प्रसाद ने साल 1989 में हरियाणा की आर्म्ड पुलिस को ज्वॉइन किया था. वहीं, मार्च 2026 में उनकी हरियाणा पुलिस में 36 साल की सेवा पूरी होने वाली थी. लेकिन उससे पहले ही सूरजकुंड झूला हादसा में लोगों की जान बचाते हुए उनकी मौत हो गई.
शनिवार, 7 जनवरी की रात हरियाणा के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) अजय सिंघल ने मृतक SI प्रसाद के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. DGP ने बताया कि प्रसाद को शहीद का भी दर्जा दिया जाएगा, क्योंकि SI प्रसाद ने घटना के वक्त अपनी जान की फिक्र किए बिना, लोगों की जान बचाने की कोशिश में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया.
प्रसाद के परिवार में पत्नी, 2 बेटियां और एक बेटा हैं. तीनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं, उनके माता-पिता छोटे भाई प्रदीप के साथ गांव में रहते हैं. इंडिया टुडे से जुड़े अमन कुमार भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में अब तक 2 लोगों की गिरफ्तारी की है, जिनमें हिमाचल फन केयर का मालिक शाकिर मोहम्मद और मेरठ का रहने वाला नितेश शामिल है.
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शर्मा ने आगे बताया कि इस घटना के लिए तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है. SIT घटना के कारणों के बारे में गहन जांच करेगी. इसकी अध्यक्षता फरीदाबाद के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, क्राइम (ACP Crime) वरुण कुमार दहिया करेंगे.
बता दें कि शनिवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में एक झूला अचानक झूका और गिर गया. उस दौरान झूले में लगभग 19 लोग बैठे थे. जिसमें से 11 लोगों के घायल होने की खबर है. घायलों के बारे में जानकारी देते हुए हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि हादसे में घायल लोग अब खतरे से बाहर हैं.
सूरजकुंड मेले में हादसा नया नहीं है. इससे पहले भी साल 2002 में झूला टूटने का हादसा हुआ था. इस हादसे में एक मौत हुई थी. इसके बाद कई सालों तक मेले में झूलों पर रोक रही. साल 2019 में भी मेले में एक हादसे के दौरान एक शख्स की मौत हुई थी, जिसके बाद झूलों पर फिर रोक लगा दी गई. लेकिन बाद में झूलों से होने वाले कमाई की वजह से फिर से झूलों को चलाया जाने लगा.
वीडियो: सूरजकुंड मेले में झूला टूट कर गिरा, पुलिस इंस्पेक्टर की मौत











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