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CSK को RCB से प्लेयर लोन पर लेना चाहिए, अश्विन ने किस सिस्टम की बात कर दी?

लोन सिस्टम के मुताबिक एक टीम अपने किसी भी प्लेयर को लोन पर दूसरी टीम को देती है. यानी वो परमानेंटली उस टीम का हिस्सा नहीं होता.

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अब तक किसी भी फ्रैंचाइजी ने इसका इस्तेमाल नहीं किया है. (फोटो- PTI)

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  • चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे IPL 2026 से बाहर हो गए हैं, जो टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।
  • आयुष म्हात्रे के बाहर होने के बाद पूर्व स्पिनर रविंद्र अश्विन ने CSK को खिलाड़ियों को लोन पर लेने की सलाह दी है, जिससे टीम को तत्काल मजबूती मिल सके।
  • IPL में लोन सिस्टम के तहत एक खिलाड़ी को एक सीजन में केवल एक बार लोन पर लिया जा सकता है, और लोन पर लिया गया खिलाड़ी मेन टीम के खिलाफ नहीं खेल सकता।

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बैटर आयूष म्हात्रे IPL 2026 से बाहर हो गए. म्हात्रे टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर थे. यह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. ऐसे में पूर्व स्पिनर अश्विन ने CSK मैनेडमेंट को डैमेज कंट्रोल करने के लिए बड़ी सलाह दी है. अश्विन का कहना है कि चेन्नई को खिलाड़ी लोन पर ले लेना चाहिए.

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अश्विन ने किस प्लेयर को लोन पर लिए जाने की बात की वो जानेंगे. और ये भी जानेंगे कि IPL में ये लोन सिस्टम कौन सी बला है?

अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स को दी सलाह

अश्विन ने X पर लिखा,

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 लोन विंडो 7वें मैच के बाद बंद हो जाएगी, इसलिए RCB से इस ज़बरदस्त टैलेंट को लोन पर लेना एक बेहतरीन आइडिया होगा. उन्होंने अब तक एक भी मैच नहीं खेला है, इसलिए यह एक अच्छा विकल्प है. अगर विहान नहीं, तो अभिज्ञान कुंडू भी एक लेफ्ट-हैंडेड विकल्प हैं जिन्हें 'FUTURE CORE' को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा सकता है.

X
अश्विन का X पोस्ट.

एक अन्य पोस्ट में अश्विन ने लिखा,

एक टीम अच्छी स्थिति में है और दूसरी फिलहाल उनके खिलाफ नहीं खेलने वाली है. पैसा कमाने का अवसर है और खिलाड़ी को भी खेलने का मौका मिलता है और वह कुछ मैचों के बाद अपनी मेन फ्रेंचाइजी में वापस आ जाएगा.

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अश्विन ने तो सलाह दे दी, लेकिन आखिर यह लोन सिस्टम है क्या? आपने अक्सर फुटबॉल में इस शब्द के बारे में सुना होगा. लेकिन IPL में भी ये रूल है. हालांकि, अब तक किसी भी फ्रैंचाइजी ने इसका इस्तेमाल नहीं किया है. 

क्या है लोन सिस्टम?

लोन सिस्टम के मुताबिक एक टीम अपने किसी भी प्लेयर को लोन पर दूसरी टीम को देती है. यानी वो परमानेंटली उस टीम का हिस्सा नहीं होता. बस कुछ मैंचों के लिए वो मेन टीम छोड़ता है. 2018 में IPL ने पांच दिनों की एक 'मिड-सीज़न विंडो' शुरू की गई थी. शुरू में टीमों को सिर्फ़ 'अनकैप्ड' प्लेयर्स को ही लोन पर लेने की परमिशन थी. एक साल बाद, इस नियम का विस्तार किया गया. जिससे अब 'कैप्ड' खिलाड़ियों को भी लोन पर लिया जा सकता है.

यह भी पढ़ें- आयुष म्हात्रे IPL से बाहर, CSK क्या इस झटके को झेल पाएगी? 

नियमों के मुताबिक सिर्फ़ वही खिलाड़ी लोन पर लिए जाने के योग्य हैं, जिन्होंने ज़्यादा से ज़्यादा दो मैचों में हिस्सा लिया हो. चाहे वह 'प्लेइंग XI' का हिस्सा रहे हों या 'कनकशन सब्स्टीट्यूट' के तौर पर खेले हों. एक खिलाड़ी को एक सीजन में सिर्फ़ एक बार ही लोन पर लिया जा सकता है. इसके अलावा, लोन पर लिया गया खिलाड़ी उस फ़्रैंचाइज़ी के खिलाफ "नहीं खेल सकता", जिसने उसे लोन पर दिया था.

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