जसप्रीत बुमराह की वापसी का इंतज़ार और भी लंबा होता जा रहा है. बीते रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ आखिरी दो टेस्ट मैच के लिए स्क्वॉड की घोषणा की गई. लेकिन इसमें भी बुमराह का नाम नहीं आया. टेस्ट के बाद तीन मैच की वनडे सीरीज़ के लिए भी बुमराह की टीम में वापसी नहीं हो पाई.
जसप्रीत बुमराह क्या IPL में वर्कलोड मैनेजमेंट कर पाएंगे?
बुमराह के पूरे करियर की कहानी.


टीम के ऐलान के साथ ही ऐसी रिपोर्ट्स ज़रूर आने लगीं, जिनमें कहा गया कि बुमराह भले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ ना खेलें, लेकिन वो IPL में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते दिख सकते हैं. हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि वहां पर उनके वर्कलोड को मैनेज किया जाएगा.
जसप्रीत बुमराह की इंजरी क्या है?चलिए शुरू से शुरू करते हैं. सबसे पहले बात, जसप्रीत बुमराह आखिर टीम से बाहर क्यों हैं. दरअसल जसप्रीत बुमराह को स्ट्रेस फ्रैक्चर बताया जाता है. इस चोट का एक कारण सही से वर्कलोड मैनेजमेंट नहीं करना है. स्ट्रेस फ्रैक्चर इंजरी घुटना मुड़ने या पैर टूटने से अचानक लगी चोट जैसी नहीं होती. स्ट्रेस फ्रैक्चर की स्थिति में हड्डी पर पहले से बहुत ज़्यादा भार पड़ रहा होता है. ऐसे में कमजोर हिस्से पर अचानक अधिक भार पड़ता है और स्ट्रेस फ्रैक्चर के चांस बढ़ जाते हैं.
गेंदबाज़ों में इसके होने की वजह इसलिए होती है क्योंकि गेंदबाज़ अपने फ्रंटफुट पर बहुत ज़्यादा फोर्स डालते हैं. जो ज़्यादा फिट होते हैं वो इससे आसानी से निपट लेते हैं. लेकिन जब आपका शरीर, आपके पैर थके हुए होते हैं. आपकी मांसपेशियां ठीक तरीके से काम नहीं करती तो फिर आपकी हड्डियां ज़्यादा स्ट्रेस लेती हैं. इसलिए ज़्यादा वर्कलोड बोन स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारणों में से एक माना है. हालांकि कुछ रिसर्च ऐसा भी बताती हैं कि वर्कलोड में अचानक से बढ़ोत्तरी होना भी इसका एक कारण है.
बुमराह कब हुए स्ट्रेस फ्रैक्चर का शिकार?क्रिकेट विश्वकप 2019 के बाद टीम इंडिया वेस्टइंडीज़ के दौरे पर गई. उस दौरे पर जसप्रीत बुमराह को स्ट्रेस फ्रैक्चर चोट घेर लिया. इसके बाद बुमराह का UK में इलाज करवाया गया. और लगभग चार महीने के बाद उनकी फिर से टीम इंडिया में वापसी हो गई.
बुमराह का वर्कलोड:बुमराह ने साल 2016 में 23 जनवरी को भारत के लिए वनडे फॉर्मेट में डेब्यू किया. उसके बाद से 2019 तक, यानी बुमराह के पहले स्ट्रेस फ्रैक्चर से पहले तक भारत ने 19 वनडे सीरीज़ खेलीं. जिनमें से बुमराह को 14 वनडे सीरीज़ में खिलाया गया. यानि बुमराह ने चोट लगने से पहले भारत के कुल वनडे मैच में लगभग 77% मुकाबले खेले. जबकि 2020 में बुमराह के वापसी करने के बाद भारत ने कुल 17 वनडे सीरीज़ खेलीं. जिनमें बुमराह सिर्फ पांच का हिस्सा रहे.
T20 फॉर्मेट की बात करें तो बुमराह ने 2016 में ही यहां भी डेब्यू किया. डेब्यू के बाद से 2019 में बैक स्ट्रेस फ्रैक्चर होने तक भारत ने 21 T20 सीरीज़ खेलीं. जिनमें से बुमराह 16 सीरीज़ का हिस्सा रहे. यानि लगभग 80% सीरीज़ में वो खेले. जबकि स्ट्रेस फ्रैक्चर की चोट से वापसी करने के बाद भारत की खेली 20 T20 सीरीज़ में से बुमराह छह ही सीरीज़ का हिस्सा बने.
वहीं अगर टेस्ट की बात करें तो जसप्रीत बुमराह ने जनवरी 2018 में इंडिया के लिए डेब्यू किया. 2019 में उन्हें स्ट्रेस फ्रैक्चर होने से पहले तक भारत ने कुल छह टेस्ट सीरीज़ खेलीं. इनमें से बुमराह ने चार टेस्ट सीरीज़ खेलीं. जबकि भारत ने उनके चोट से वापसी करने के बाद कुल 10 टेस्ट सीरीज़ खेली हैं. जिनमें से बुमराह आठ टेस्ट सीरीज़ में टीम के साथ रहे.
IPL में खेलेंगे, वर्कलोड मैनेज कैसे होगा?जी हां, सही पढ़ा. बुमराह NCA में पूरे जी-जान से फिटनेस पाने के लिए लगे हुए हैं. लेकिन ये फिटनेस भारतीय टीम से ज़्यादा IPL के लिए ज़रूरी है. क्योंकि वहां तो बुमराह कोई मैच मिस करते ही नहीं. हालांकि रिपोर्ट्स ऐसा बता रही हैं कि IPL में बुमराह का वर्कलोड मैनेज किया जाएगा. लेकिन IPL टीम के साथ उनके पुराने आंकड़े देखकर तो ऐसा नहीं लगता.
साल 2016 में बुमराह का भारत के लिए डेब्यू हुआ.
2016 में उन्होंने भारत के लिए 21 T20 और आठ वनडे खेले. वहीं साल 2016 में वो IPL में पूरे 14 मैच खेलकर गए.
2017 में उन्होंने भारत के लिए 23 वनडे और 11 T20 मुकाबले खेले. जबकि IPL में उन्होंने इस साल 16 मुकाबले खेले.
2018 में उन्होंने भारत के लिए 13 वनडे, आठ T20 और नौ टेस्ट मुकाबले खेले. इस साल बुमराह टेस्ट में भी टीम इंडिया के परमानेंट मेंबर बन गए. IPL में उन्होंने इस साल भी 14 मुकाबले खेले.
2019 में वो भारत के लिए 14 वनडे, दो T20 और तीन टेस्ट मुकाबले खेलकर गए. जबकि IPL में उन्होंने इस साल 16 मुकाबले खेले.
(आपको ये भी बता दें कि ये वही साल है जब पहली बार बुमराह को स्ट्रेस फ्रैक्चर वाली इंजरी हुई.)
2020 में चोट से वापसी करते हुए बुमराह ने भारत के लिए नौ वनडे, आठ T20 और चार टेस्ट मुकाबले खेले. जबकि चोट से वापसी के बाद IPL के मैच में कोई कटौती नहीं हुई. यानी उन्होंने इस साल भी पूरे 15 मुकाबले खेले.
2021 में वो भारत के लिए पांच T20 और नौ टेस्ट मुकाबले खेलकर गए. जबकि IPL में उन्होंने इस साल भी 14 मुकाबले खेले.
2022 में वो भारत के लिए दो वनडे, पांच T20 और पांच टेस्ट मुकाबले खेलकर गए. जबकि IPL में उन्होंने इस साल भी पूरे 14 मुकाबले खेले.
आप इसी चीज़ से अंदाज़ा लगा लीजिए कि IPL में बुमराह का वर्कलोड मैनेजमेंट किस तरह से होगा. क्योंकि IPL एक लीग क्रिकेट है. जहां पर फ्रैंचाइज़ी करोड़ों की रकम उस खिलाड़ी पर इसलिए खर्च करती है. जिससे वो उनकी टीम को खिताब जिता सके. ऐसे में अगर बुमराह की फ्रैंचाइज़ी लीग के बीच में ऐसी स्थिति में फंसती है कि उन्हें हर हाल में मैच जीतना है. तो क्या वो टीम इंडिया के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए बुमराह को टीम से बाहर रखेंगे?
इसका जवाब बताने की ज़रूरत नहीं है, हम सभी जानते हैं. तो अब क्या करें? बस यही दुआ करिए कि बुमराह पूरी तरह से फिट होकर जल्द से जल्द टीम इंडिया में वापसी कर लें.
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