अहमदाबाद में पंजाब किंग्स (PBKS) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच IPL 2026 का अहम मैच. मैच में पंजाब की टीम शुरुआत में बुरी तरह फंस गई थी. सिर्फ 36 रनों पर 4 विकेट गिर चुके थे. ऐसे में सूर्यांश शेडगे नाम का एक युवा प्लेयर क्रीज पर आया और पूरे मैच का रुख बदल दिया.
बेटे के लिए मां ने नौकरी छोड़ी, इस क्रिकेटर ने GT के खिलाफ कमाल कर दिया
सूर्यांश शेडगे मुंबई से आने वाले टैलेंटेड बैटर हैं. वो फिनिशर के रूप में जाने जाते हैं. दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और बड़े-बड़े शॉट मारने में माहिर हैं. पिछले साल के IPL ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने उन्हें सिर्फ 30 लाख रुपये में खरीदा था.


सूर्यांश ने सिर्फ 29 गेंदों पर 57 रन की शानदार पारी खेली. इस पारी में उन्होंने कई बड़े शॉट लगाए और अपनी टीम को संकट से निकाला. मार्कस स्टोइनिस के साथ मिलकर 44 गेंद में 79 रनों की साझेदारी की. स्टोइनिस ने 31 गेंदों पर 40 रन बनाए. सूर्यांश की इस पहली IPL फिफ्टी की वजह से पंजाब टीम उनका विकेट गिरने तक 126 रन बना पाई थी. आखिर में टीम ने 9 विकेट पर 163 रनों का स्कोर बनाया.
मैच में क्या हुआ?मैच में पंजाब किंग्स की शुरुआत बहुत खराब रही. टॉप ऑर्डर जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गया. स्कोर बोर्ड पर सिर्फ 36 रन थे और 4 विकेट गिर चुके थे. ऐसे में सूर्यांश शेडगे बैटिंग करने उतरे. पहले उन्होंने धीरे-धीरे खेलकर पारी को संभाला. फिर अरशद खान और मनाव सुथार जैसे गेंदबाजों पर ताबड़तोड़ हमला बोला.
सूर्यांश ने मनाव सुथार के एक ओवर (14वें ओवर) में 27 रन ठोक दिए. इसी ओवर में टीम 100 रनों के पार पहुंची. सूर्यांश ने अपनी पारी में तीन चौके और 5 छक्के लगाए. 24 गेंदों में उन्होंने अपनी पहली IPL फिफ्टी पूरी कर ली. यह पारी एक मुश्किल पिच पर खेली गई, जहां बैटिंग आसान नहीं थी.
सूर्यांश शेडगे कौन हैं?सूर्यांश शेडगे मुंबई से आने वाले टैलेंटेड बैटर हैं. वो फिनिशर के रूप में जाने जाते हैं. दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और बड़े-बड़े शॉट मारने में माहिर हैं. पिछले साल के IPL ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने उन्हें सिर्फ 30 लाख रुपये में खरीदा था.
2024 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में सूर्यांश ने सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 36 रन बनाकर मुंबई को 175 रनों का लक्ष्य चेज करने में मदद की. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 9 मैचों में 131 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट 250 से ऊपर था. औसत 40 से ज्यादा.
सूर्यांश मुंबई की एक मिडिल क्लास फैमिली से आते हैं. क्रिकेट उनके लिए सिर्फ शौक नहीं, बल्कि मेहनत का विषय रहा है. उनकी मां बैंक की नौकरी छोड़कर बेटे के सपने को पूरा करने में लग गईं. पिता कॉर्पोरेट जगत में आगे बढ़े. परिवार की इस मेहनत ने सूर्यांश को अनुशासन सिखाया.
वो कहते हैं कि सफलता या असफलता दोनों में शांत रहना जरूरी है. उन्होंने अजिंक्य रहाणे से इसी बात को सीखा है. वो श्रेयस अय्यर और सूर्यकुमार यादव जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ नेट्स पर प्रैक्टिस करते हैं. कोच अभिषेक नायर ने उनकी फिनिशिंग स्किल्स को और निखारा.
सूर्यांश नेट्स में छोटे-छोटे सेशन्स करते हैं. 12 से 15 गेंदों के. उनके आदर्श खिलाड़ी हैं विराट कोहली, बेन स्टोक्स और हार्दिक पंड्या हैं.
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