1. एमएस धोनी
43 गेंदों पर 58 रन. एक अच्छी ऐंकरिंग इनिंग्स और वो भी उस मौके पर जब टीम को ऐसी ही एक पारी की ज़रुरत थी. केदार जाधव चौथे विकेट के रूप में गिरे थे. ये विकेट पॉवरप्ले के आख़िरी ओवर में आया था. इस वक़्त चेन्नई का स्कोर था 24 रनों पर 4 विकेट. ये एक ख़राब शुरुआत कही जायेगी. लेकिन यहां से एक पार्टनरशिप की शुरुआत हुई. धोनी और अम्बती रायडू की. दोनों ने मिलकर 95 रन बनाए. धोनी ने अपने 58 रनों के दौरान 3 छक्के और 2 चौके मारे. उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में स्ट्राइक रोटेट की और सिंगल डबल का गेम खेला. बीच-बीच में जब भी उन्हें लूज़ बॉल मिली, बाउंड्री के पार पहुंचाया. टार्गेट उतना बड़ा नहीं था इसलिए वो अपने नेचुरल गेम को खेल रहे थे. वो बिना कोई रिस्क लिए अंत तक गेम को ले जाना चाहते थे. ऐसा ही हुआ भी और आख़िरी के 5 ओवर में 51 रन चाहिए थे. यहां से राजस्थान ने 2 अच्छे ओवर फ़ेंके जिनमें सिर्फ़ 12 ही रन आये. इसने चेन्नई की मुश्किलें बढ़ा दीं और उन्हें आख़िरी ओवर में 18 रन चाहिए थे. इसी ओवर में धोनी की इनिंग्स का अंत हुआ लेकिन आख़िरी गेंद पर चेन्नई सुपर किंग्स जीत गई.
2. अम्बती रायडू
रायडू चेन्नई की टीम का रेगुलर हिस्सा हैं. इससे पहले वो मुंबई के लिए भी ऐसे ही खिलाड़ी होते थे. रायडू के लिए 2019 का आईपीएल बहुत अच्छा नहीं जा रहा था लेकिन इस मैच में धोनी के साथ बनाई पार्टनरशिप ने उन्हें काफ़ी अच्छा महसूस करवाया होगा. रायडू की इनिंग्स धोनी की इनिंग्स जितनी ही प्रभावी थी और इन दोनों ने ही चेन्नई की जीत की स्क्रिप्ट लिखी. रायडू ने 47 गेंदों पर 57 रन बनाए और धोनी का खूब साथ दिया. धोनी की ही तरह रायडू ने भी 2 चौके और 3 छक्के मारे और ये बताता है कि इन दोनों ने अपनी पार्टनरशिप के दौरान कितनी सहज तरीके से स्ट्राइक रोटेट की.
3. रवीन्द्र जडेजा
चेन्नई का एक और प्लेयर जो इस मैच में खूब चमका. जडेजा को पूरे 4 ओवर फेंकने को मिले और उन्होंने 20 रन देकर 2 विकेट्स लिए. बैटिंग में भी जडेजा ने शानदार इनिंग्स खेली और भले ही उन्हें 4 ही गेंदें मिलीं लेकिन इस में भी उन्होंने भरपूर कंट्रीब्यूट किया और 9 रन बनाये. आख़िरी ओवर में, जब चेन्नई को जीतने के लिए 18 रन चाहिए थे, जडेजा ने पहली ही गेंद पर बेन स्टोक्स को छक्का मारा. ये छक्का भी कम नाटकीय नहीं था. बाहर फ़ेंकी गेंद को वो बॉलर के सर के ऊपर से मारने की फ़िराक में थे. ये शॉट मारने के चक्कर में वो गिर पड़े और गिरने के क्रम में ही उन्होंने गेंद को बल्ले से कनेक्ट किया. इसके बाद वो ज़मीन पर पड़े थे और गेंद को बाउंड्री के पार गिरता हुआ देख रहे थे. इसके बाद अगली गेंद पर उन्होंने स्ट्राइक बदली और यहां से उन्हें एक भी और गेंद खेलने को नहीं मिली. रवीन्द्र जडेजा अपनी फ़ील्डिंग के लिए भी जाने जाते हैं और हर मैच में 5-10 रन फ़ील्डिंग के दम पर ही बचा ले जाते हैं. पॉइंट्स टेबल में (जैसा कि हमने पहले भी बताया है) चेन्नई अब भी टॉप पर है. उसके 7 मैचों में 12 पॉइंट्स हो गए हैं. राजस्थान 2 पॉइंट्स के साथ 7वें नंबर है. लल्लनटॉप वीडियो भी देखिए-













