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नंबर 2 पर खिसकी चेन्नई को अब समझ आया कि 12 cm की वो हार कितना नुकसान कर रही है

डेल्ही कैपिटल्स ने राजस्थान को हराकर नंबर एक पर कब्जा कर लिया.

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दिल्ली के लिए ऋषभ पंत जीत छीन कर लाए और दूसरी तरफ चेन्नई शारदुल ठाकुर के इस तरह रन आउट होने से ही उबर नहीं पाई है.
IPL 2019 एक मजेदार स्थिति में पहुंच गया है. मजेदार इसलिए कि यहां एक मैच की हार जीत से पूरा गणित गड़बड़ा रहा है. सबसे ज्यादा गणित को अगर किसी का गड़बड़ाया है तो वो है चेन्नई सुपरकिंग्स. धोनी की सीएसके सीजन की शुरुआत से पॉइंट टेबल पर नंबर एक थी. मगर डेल्ही कैपिट्ल्स की राजस्थान रॉयल्स पर जीत ने चेन्नई को नंबर 2 पर धकेल दिया और खुद नंबर एक पर काबिज हो गई. ये देखना अपने आप में दिलचस्प है कि धोनी की टीम ने लगातार दो मैच हारे और वो पॉइंट टेबल में भी शीर्ष से नीचे खिसक गई. और ये सब हुआ चेन्नई का बेंगलोर के हाथों एक रन से हारने पर. आखिरी गेंद पर धोनी गेंद को मिस कर गए और बाई का रन लेने के लिए भागे तो उधर शारदुल ठाकुर रन आउट हो गए. सिर्फ 12 सेंटीमीटर की दूरी से वो रन आउट हुए. यही 12 सेंटीमीटर उन्हें मैच हरा गया. ये 12 सेंटीमीटर चेन्नई की टीम के लिए कितना मंहगा पड़ सकता है इसकी कल्पना खुद टीम ने नहीं की होगी क्योंकि आगे डगर आसान कतई नहीं है. इससे पहले कि ये बताएं कि चेन्नई पॉइंट टेबल में नीचे कैसे खिसक गई, पहले ये जान लीजिए कि डेल्ही कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स पर 6 विकेट से जीत दर्ज की और 11 मैचों में दिल्ली ने 7 जीतकर 14 अंक पा लिए. नेट रन रेट के मामले में भी दिल्ली काफी मजबूत स्थिति में है. वहीं दूसरी तरफ चेन्नई के लिए दिक्कत इस बात से हुई कि वो लगातार दो मैच हारे. चेन्नई के लिए आगे भी सफर आसान नहीं है. अगर चेन्नई प्लेऑफ में तीसरे नंबर पर रहते हुए पहुंची तो उन्हें फाइनल तक पहुंचने के लिए दो मैच किसी भी हाल में जीतने होंगे और चेन्नई की हाल की फॉर्म देखकर लगता नहीं है कि वो ये 100 फीसदी कॉन्फिंडेंस से जीतने की हालत में हैं. अभी चेन्नई ने 10 मैच खेले हैं और 7 जीते हैं. कुल 14 अंक तो हैं मगर नेट रन रेट के मामले में दिल्ली से नीचे ही हैं. दूसरा चेन्नई के सामने बड़ा संकट ये है कि इन्हें अगला मैच हैदराबाद के खिलाफ खेलना है. इकलौते धोनी चेन्नई के लिए चल रहे हैं और धोनी की कमजोरी ये है कि वो स्पिन अटैक के खिलाफ रन नहीं बना पा रहे हैं. हैदराबाद के पास राशिद खान के साथ साथ मोहम्मद नबी भी हैं. अगर चेन्नई ये मैच हारी तो धोनी की टीम के लिए चीजें आसान कतई नहीं रहेंगी. हैदराबाद के अलावा चेन्नई के अगले मुकाबलों में 26 अप्रैल को मुंबई, 1 मई को डेल्ही कैपिटल्स और फिर 5 मई को किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ मैच हैं. तीनों टीमों के पास बढ़िया स्पिन अटैक है और इसका इस्तेमाल ये टीमें चेन्नई की कमजोरी को हिट करने में जरूर करेंगी. चेन्नई की टीम सिर्फ और सिर्फ धोनी पर आश्रित हो रही है. ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया है कि सिर्फ धोनी ही टीम को मैच जिता रहे हों. ये वो टीम रही है जिसका हर खिलाड़ी चलता है और टीम को पूरे सीजन जीत से दूर नहीं रहने देता है.
लल्लनटॉप वीडियो देखिए-

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