आईपीएल 2019. छठा मैच. किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच. दोनों टीमें अपना पहला मैच जीत चुकी थीं. पंजाब ने राजस्थान को और कोलकाता ने मुंबई इंडियन्स को हराया था. ऐसे में दोनों टीमें अपना मोमेंटम बनाए रखने के उद्देश्य से उतरी थीं. आईपीएल में ऐसा करना बेहद ज़रूरी भी होता है. आप लय में होते हैं तो कितने भी बड़े पहाड़ को नाप सकते हैं. लेकिन अंत में जीतना एक ही को था. आज कोलकाता जीत गई. पहले बैटिंग करने उतरी और ताबड़तोड़ शुरुआत की. बीच में स्पीड ब्रेकर पर गाड़ी चढ़ी लेकिन फिर आख़िरी में आंद्रे रसेल ने एक्सिलेरेटर पर पैर धर दिया. अंग्रेजी में इसे 'pedal to the metal' कहते हैं. इसी नाम का एक गाना था जो कि बचपन में बहुत सुना है. खैर, वापस मैच पर. कोलकाता नाइट राइडर्स ने 4 विकेट के नुकसान पर 218 रन बना ले गई. बदले में किंग्स इलेवन पंजाब की शुरुआत ही ख़राब रही और किसी भी वक़्त वो मैच में स्टेबल नहीं दिखे. पंजाब ये मैच 28 रनों से हार गई. पंजाब की हार और कोलकाता की जीत की वजहें ये रहीं:
1. वो एक नो बॉल
17वां ओवर. आख़िरी गेंद. आंद्रे रसेल एक विस्फ़ोटक बल्लेबाज़ हैं. और उन्हें अभी तक पंजाब की बॉलिंग ने समेट कर रखा हुआ था. उन्हें रूम तो छोड़िये सीट तक नहीं मिल रही थी कि वो बल्ला भांज पाएं. और फिर मोहम्मद शमी ने एक बेहतरीन यॉर्कर फ़ेंकी. रसेल बोल्ड हो गए. लेकिन अम्पायर ने नो बॉल दे दी. मालूम पड़ा कि पंजाब के सिर्फ़ 3 ही खिलाड़ी सर्किल में मौजूद थे. एक और अंदर होना चाहिए था. इसके बाद फ्री हिट भी मिली. रसेल ने हालांकि उस गेंद पर भी 1 ही रन बनाया लेकिन ख़तरा टला नहीं था. अगली 12 गेंदों में रसेल ने 45 रन बनाए. इन 12 गेंदों में 5 छक्के और 3 चौके थे. शमी के अगले ओवर में रसेल ने कुल 22 रन मारे. सिर्फ़ 4 गेंदों में. यानी 3 छक्के और 1 चौका. उस एक नो बॉल ने कोलकाता का काया कल्प कर दिया. 218 में शमी की उस नो-बॉल का बहुत बड़ा योगदान रहा.
2. मिस्ट्री स्पिनर की ग़लत शुरुआत

पंजाब के लिए एक नया बॉलर आईपीएल में अपना डेब्यू कर रहा था. नाम है वरुण चक्रवर्ती. 27 साल के वरुण ने हाल ही में विजय हज़ारे ट्रॉफी से तमिलनाडु की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में अपनी शुरुआत की थी. ये जब मैच में बॉलिंग करने आये तो कोलकाता के पास पहले ओवर में मात्र एक रन आया था. इस लिहाज़ से वरुण के लिए स्टेज सेट था. वो अपनी मिस्ट्री बॉलिंग से और भी प्रेशर बना सकते थे. एक-दो विकेट निकाल देते तो सोने पे सुहागा होता. लेकिन हुआ एकदम उलटा. सुनील नारायण ने इस ओवर में 24 रन बनाए. पहली गेंद पर लिन ने सिंगल लेकर उन्हें स्ट्राइक दी थी. यानी पूरे ओवर में 25 रन आये. सुनील ने वरुण का वेलकम छक्के से किया. अगली गेंद पर ज़ोरदार शॉट मारा लेकिन कैच वरुण से ही छूट गया. इसके बाद एक चौका और फिर लगातार 2 छक्के और भी लगे. वरुण के लिए आईपीएल करियर की शुरुआत एक बुरे सपने जैसी हो गई थी. अगले ओवर में वरुण को उथप्पा ने 2 चौके मारे. कुल 9 रन आये. हां, अपने तीसरे ओवर में वरुण ने भले 1 रन ही दिया लेकिन 15 ओवर के बाद उन्हें बॉल देना और वो भी तब जब आंद्रे रसेल बैटिंग पर थे, ये खतरे से खाली नहीं होता. ऐसे में उनके हिस्से का एक ओवर आया मंदीप सिंह के हिस्से जिसने 6 गेंदों में 18 रन दे दिए.
3. न राहुल ने मारा, न गेल ने फोड़ा

साल 2018 का आईपीएल अगर किसी का था तो वो नाम था केएल राहुल. लेकिन इस आईपीएल में अभी तक दोनों ही मैचों में केएल राहुल फ्लॉप रहे हैं. 2 ही मैच हुए हैं लेकिन वो बहुत ज़्यादा कॉन्फिडेंट नहीं दिखाई दे रहे हैं. और ये बात आज उनके उस शॉट में भी दिख गई जिस पर वो 5 गेंदों में 1 रन बनाकर आउट हो गए. क्रिस गेल भी शुरुआत में धीमा खेल रहे थे, बाद में उन्होंने 2 तगड़े शॉट्स लगाए लेकिन फिर वो भी चलते बने. गेल ने 13 गेंदों में 20 रन बनाए. लेकिन ऐसी छोटी इनिंग्स का फ़ायदा नहीं होता जब टार्गेट मोबाइल टॉवर जितना बड़ा हो. पंजाब की बैटिंग इन्हीं दोनों बल्लेबाज़ों के इर्द गिर्द घूमती रही है. डेविड मिलर भले ही मिडल ऑर्डर में आते हैं लेकिन टीम ने हमेशा इन दोनों ओपनर में से किसी एक की शानदार बैटिंग की बदौलत जीत पाई है. और एक बार फिर, जब टार्गेट इतना बड़ा हो तो इनमें से एक का चलना कतई अनिवार्य होता ही है.