टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम पर इंडियन बॉलर्स हावी रहे. एक रन बना था कि पहला विकेट गिर गया. एरॉन फिंच बुमराह का शिकार बने और जीरो पर चलते बने. ओपनर उस्मान ख्वाजा ने पारी को संभाला और 50 रन बनाए और वो ही अपनी टीम के लिए टॉप स्कोरर भी रहे. दूसरी तरफ इंडिया के लिए बुमराह ने दो, मोहम्मद शमी ने दो और कुलदीप यादव ने दो विकेट लिए. यहां शमी के दोनों विकेट देखने लायक थे. दोनों बोल्ड मारकर लिए थे. पहले इन फॉर्म बैट्समैन मैक्सवेल को बोल्ड मारा और फिर एस्टन टर्नर को. यहां रवींद्र जडेजा और केदार जाधव ने भी किफायती गेंदबाजी करके ऑस्ट्रेलिया को 50 ओवरों में 236/7 पर रोक दिया. यानी इंडिया के लिए एक नॉर्मल टारगेट था.

शमी ने मैक्सवेल का विकेट उखाड़ कर दिन बना दिया.
मगर यहां ऑस्ट्रेलिया ने अपने खेल से ये कतई नहीं लगने दिया कि ये एक सामान्य टारगेट था. यहां इंडिया का पहला विकेट चार रन पर गिर गया. शिखर धवन जीरो पर लौट गए. रोहित शर्मा ने कुछ हाथ दिखाए मगर वो 37 रन बनाकर आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया की बॉलिंग शुरू से कितनी टाइट रही इस बात का अंदाजा इससे लगाइए कि रोहित ने अपनी 37 रनों की पारी में 66 गेंद लीं. कोहली ने जरूर 45 गेंदों पर 44 रन बनाए. मगर बाकी सभी का स्ट्राइक रेट काफी लो रहा.
यहां इंडिया के चार विकेट 24वें ओवर में 99 के स्कोर पर गिर चुके थे और यहां एक पार्टनरशिप की जरूरत इंडिया को थी. क्रीज पर थे महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव. दोनों ने गेम को धीरे-धारे आगे बढ़ाया. आखिरी 15 ओवरों में 90 रन चाहिए थे. फिर आखिरी 10 ओवर में 60 रन चाहिए थे. फिर आखिरी 30 गेंदों में 28 रन चाहिए थे जिसे इंडिया 10 गेंद रहते ही पार कर गई. स्कोर 99 से बढ़ता हुआ 49वें ओवर में 240 तक पहुंच गया. दोनों के बीच 141 रनों की अटूट पार्टनरशिप हुई. इसमें जाधव ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता टीम के लिए दिखाई और 87 गेंदों पर 81 रनों की पारी खेली. इसमें 9 चौके और एक जबरदस्त छक्का भी शामिल है. दूसरी तरफ थे धोनी ने 59 रनों की नाबाद पारी खेली. 6 चौके और 1 छ्क्का धोनी के बल्ले से निकला. इसके साथ ही धोनी आज यहां इंडिया के लिए वनडे में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले प्लेयर भी बन गए. धोनी के नाम 216 छक्के हो गए हैं और रोहित शर्मा के 215 छ्क्कों के रिकॉर्ड को धोनी ने तोड़ दिया है. धोनी को भागने में दिक्कत हो रही थी मगर वो टिके रहे और एक बाद फिर धोनी ने दिखा दिया कि वो मैच फिनिशनर हैं. वर्ल्ड कप से पहले धोनी अपने पुराने रोल में वापस आ रहे हैं औऱ ये इंडिया के लिए अच्छी बात है.
तो सीरीज का पहला मैच हम जीत गए. दूसरा 5 मार्च को नागपुर है. उम्मीद कीजिए कि ये सीरीज इंडिया जीते और वर्ल्ड कप में तगड़े कॉन्फिंडेंस और पुख्ता तैयारी के साथ जाए.
























