टीम इंडिया के स्टार बैट्समैन विराट कोहली (Virat Kohli) के फ़ैन्स दुनिया भर में हैं. लोग उनकी बैटिंग के कायल तो हैं ही, कई फ़ैन्स उनकी फिल्डिंग की भी तारीफ करते हैं. विराट दुनिया के सबसे फिट प्लेयर्स में से एक हैं और शानदार फिल्डर हैं. विराट की फिल्डिंग से जुड़ा एक किस्सा भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर (R Sridhar) ने साझा किया है. श्रीधर ने ये भी कहा कि वो ये किस्से मरते दम तक याद रखेंगे.
विराट कोहली की किस 'याद' को मरते दम तक नहीं भूलेंगे आर श्रीधर?
विराट इंडियन टीम के सबसे अच्छे फिल्डर्स में से एक हैं.


#R Sridhar on Virat Kohli
cricket.com से बात करते हुए कोच आर श्रीधर ने कहा विराट में बहुत एनर्जी है. लेकिन विराट पहले अच्छे स्लिप फिल्डर नहीं थे. हालांकि कड़ी प्रैक्टिस के साथ उन्होंने ऐसा कर दिखाया. इसी बातचीत के दौरान श्रीधर ने कहा -
‘विराट कोहली प्रैक्टिस कर इंडिया के सबसे अच्छे स्लिप फिल्डर्स में से एक बने हैं. वो पहले अच्छे स्लिफ फिल्डर नहीं थे, क्योंकि उनमें कुछ ज्यादा ही एनर्जी थी. विराट ऐसे ही हैं. और ऐसा नहीं है कि अब उनमें एनर्जी नहीं है. लेकिन अब उन्हें पता है कब शांत रहना है और अपनी एनर्जी को कैसे सही तरीके से प्रयोग में लाना है. मैं बता रहा हूं, ये प्रैक्टिस के साथ ही बेहतर हुआ है.’
श्रीधर ने आगे उस याद के बारे में बताया, जो वो मरते दम तक नहीं भूलेंगे. श्रीधर ने बताया कि फिल्डिंग करते हुए विराट थकते ही नहीं थे. श्रीधर ने ये भी कहा कि वो खुद कई बार थक जाते थे लेकिन विराट नहीं थकते और लगातार प्रैक्टिस करवाने को कहते थे. उन्होंने बताया,
‘ऐसे भी सेशन्स हुए हैं जब मैं थक गया और विराट से कहा - इतना काफी है. इसके जवाब में विराट कहते थे - क्यों, थक गए क्या? मुझे और कैच करने हैं. फिर मैं उन्हें कैचिंग प्रैक्टिस करवाता. मैं उन्हें बहुत कैचिंग प्रैक्टिस करवाता. और ये किसी एक दिन की कहानी नहीं है. हर सीरीज़ में यही हाल था. कुछ दिन तो ऐसे होते कि वो एक सेशन में 100 से ज्यादा कैच ले लेते. और जिस एनर्जी के साथ वो ये करते थे वो चौंकाने वाला है. मैं विराट के प्रैक्टिस करने वाली इस याद को मरते दम तक नहीं भूल सकता.’
श्रीधर ने आगे कहा -
‘स्लिप फिल्डिंग के लिए भी विराट ने बहुत प्रैक्टिस की है. ब्रिसबेन हो, अहमदाबाद हो या साउथैम्पटन. वो कहीं भी हों, फिल्डिंग की प्रैक्टिस वो जिस इंटेनसिटी के साथ करते हैं, वो किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए एक सीख है. वो बहुत तेज़ फिल्डिंग करना चाहते हैं. वो प्रैक्टिस में खुद ही कहते हैं - ’मुझे मेरे लेफ्ट साइड पर ज्यादा बॉल्स दीजिए, अब राइट साइड पर दीजिए.' फिर एक हाथ से पकड़ने की प्रैक्टिस करते हैं, फिर दोनों हाथ से. अगर उन्हें लगता है कि बॉल धीरे आ रही है, तो वो दो कदम आगे आ जाते हैं. इससे उनका रिएक्शन बेहतर होता है.'
श्रीधर के इस बयान से क्रिकेट फैन्स ज़रूर इत्तेफाक रखेंगे. क्योंकि मैदान पर भी विराट कोहली का जुनून हम सभी ने देखा है. विराट इंडियन टीम के सबसे शानदार फिल्डर्स में से एक हैं. इंडियन क्रिकेट टीम के फैन्स चाहेंगे कि 27 अगस्त से शुरू हो रहे एशिया कप में विराट कमाल की फिल्डिंग के साथ-साथ अच्छी बैटिंग भी करें.
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