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इंडिया ने डिफेंड किया टेबल टेनिस का गोल्ड मेडल, फाइनल में सिंगापुर को 3-1 से हराया

शरत कमल ने मैच गंवाया, पर साथियान-हरमीत ने कसर पूरी कर दी.

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मैच जीतने के बाद इंडियन टीम (Courtesy: Sony)

डिफेंडिंग चैंपियन इंडिया ने मेंस टेबल टेनिस टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीत लिया है. इंडिया ने फाइनल में सिंगापुर को 3-1 से हराया. 2018 में भी इंडिया ने ये मेडल अपने नाम किया था. गोल्ड कोस्ट में इंडिया के सामने फाइनल में नाइजीरिया थी. बर्मिंघम में इंडिया ने नाइजीरिया को सेमीफाइनल में हराया था.

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# इंडिया ने कैसे जीता फाइनल?

पहले मैच में यॉन्ग क्वेक और कून पांग के खिलाफ़ खेलने उतरे जी साथियान और हरमीत देसाई. सिंगापुर शुरू से ही इंडिया पर प्रेशर बनाने का प्लान बनाकर आई थी. पहले सेट में ये प्लान काम करता हुआ भी दिखा. सेट टाईब्रेकर में गया, पर साथियान-हरमीत ने सेट 13-11 से जीता. इसके बाद उन्होंने दबाव बनने ही नहीं दिया और बाकी दोनों सेट्स 11-7, 11-5 से अपने नाम कर लिए.

अगले मैच में टेबल पर थे इंडिया के सबसे अनुभवी प्लेयर शरत कमल. 40 साल के शरत ने इंडिया के लिए कई यादगार मैच जीते हैं. और उनके सामने थे क्लैरेंस च्यु. क्लैरेंस ने पहले सेट में ही बता दिया, कि वो तैयारी कर के आए हैं. 11-7 से पहला सेट गंवाने के बाद दूसरे सेट में शरत ने वापसी की और 14-12 से मैच जीता. पर मोमेंटम च्यु के पाले में था. बाकी दोनों सेट्स च्यु ने जीते. सिंगापुर ने वापसी कर ली थी. फाइनल 1-1 से बराबर हो चुका था.

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इसके बाद जी साथियान की बारी थी. सिंगल्स मैच में साथियान के सामने थे कून पांग. साथियान ने डबल्स में कून पांग को हराया था. अब सिंगल्स की बारी थी. अच्छी शुरुआत जरूरी थी. दोनों प्लेयर्स पहले सेट के लिए अपना बेस्ट गेम खेल रहे थे. साथियान ने अपने अनुभव और बैकहैंड स्मैश का अच्छा प्रयोग कर 12-10 से पहला सेट जीत लिया. लेकिन पांग आसानी से हार मानने वाले नहीं थे. उन्होंने दूसरे सेट में वापसी कर साथियान को 11-7 से हराया. मैच फिसलता नज़र आ रहा था, पर साथियान ने ऐसा नहीं होने दिया. उन्होंने अटैकिंग गेम खेलते हुए 11-7, 11-4 से बाकी दोनों सेट्स अपने नाम कर लिए.

अगले मैच में जाइंट किलर क्लैरेंस च्यु के सामने थे हरमीत देसाई. पहले सेट में च्यु को 11-8 से हराने के बाद हरमीत ने दूसरे सेट को 11-5 पर ख़त्म कर दिया. हरमीत ने आखिरी सेट 11-6 से अपने नाम कर इंडिया को एक और गोल्ड मेडल जिता दिया.

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