The Lallantop

ठाकुर और सुंदर ने ऑस्ट्रेलिया का खुली आंखों वाला सपना तोड़ दिया!

इतिहास इस साझेदारी को याद रखेगा.

Advertisement
post-main-image
शार्दुल ठाकुर और वाशिंगटन सुंदर. फोटो: AP
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे चौथे टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज़ों ने जुझारूपन का एक और बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया है. जब टीम इंडिया का टॉप और मिडिल ऑर्डर बिखर गया था तो टीम के नंबर सात और नंबर आठ के बल्लेबाज़ ने ऐसी बैटिंग की कि ऑस्ट्रेलियाई टीम मुश्किल में फंस गई है. ब्रिस्बेन टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाज़ वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर ने सातवें विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी की जिसने एक रिकॉर्ड भी बना दिया. ब्रिस्बेन के जिस मैदान पर भारत के ऊपर के बल्लेबाज़ नहीं चले. वहां पर इन दो स्पेशलिस्ट गेंदबाज़ों ने ब्रिस्बेन के इतिहास की भारत की सबसे बड़ी साझेदारी बना दी है. ब्रिस्बेन में छह विकेट गिरने के बाद सातवें विकेट के लिए कभी भी इतने रन नहीं जुड़ पाए थे. इस साझेदारी में शार्दुल ठाकुर ने 67, जबकि वाशिंगटन सुंदर ने 62 रनों की शानदार पारियां खेली. ये दोनों ही बल्लेबाज़ चौथे टेस्ट में भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी रहे. ऑस्ट्रेलिया के 369 रनों के जवाब में भारत ने 186 के स्कोर पर ऋषभ पंत के रूप में छठा विकेट गंवा दिया था. लेकिन उसके बाद मैदान पर उतरे वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर ने ऐसी बल्लेबाज़ी की कि ऑस्ट्रेलियाई टीम बौखला गई. दोनों ने टीम को 186 से 309 रनों तक पहुंचा दिया. वाशिंगटन सुंदर तो टेस्ट डेब्यू करते हुए गाबा में 100 गेंदें खेलने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज़ भी बन गए. वहीं शार्दुल ने अपना पहला टेस्ट अर्धशतक जमाया. इन दोनों की पारी की बदौलत भारत की पहली पारी 336 रन बनाकर सिमटी है. जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम को सिर्फ 33 रनों की बढ़त ही मिल पाई है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement