19 सितम्बर से 19 जनवरी. ज़िन्दगी चार महीनें में कहां से कहां पहुंच सकती है, उसका जीता-जागता उदाहरण हैं थंगारसू नटराजन. तमिलनाडु में सेलम जिले के चिनप्पमपट्टी के रहने वाले नटराजन का घर पहुंचने पर जो भव्य स्वागत हुआ, वो उनकी बदली ज़िन्दगी का गवाह है.
IPL की सफलता के बाद इशांत-भुवनेश्वर चोटिल थे. टीम में सलेक्ट हुए वरुण चक्रवर्ती को भी इंजरी हुई, तो चयनकर्ताओं ने इस तेज़ गेंदबाज़ को ऑस्ट्रेलिया भेज दिया. लेकिन वहां जाकर सबसे पहले टी20, फिर वनडे और आखिर में टेस्ट सीरीज़ में खेलकर नटराजन ने दुनियाभर में अपनी पहचान बना ली है. 'कभी ना भुला पाने वाला अनुभव' नटराजन का ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत के बाद उनके घर पर शानदार स्वागत हुआ है. इस भव्य स्वागत के बाद नटराजन ने क्रिकइंफो (CricInfo) से बात की और कहा,
''मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि मेरा ऐसा भव्य स्वागत होगा. मैं अपने गांव के सभी लोगों का दिल से धन्यवाद करता हूं. ये मेरी ज़िन्दगी का कभी ना भुला पाने वाला अनुभव है.''नटराजन से क्या बोले वॉर्नर
''अब मैं इसे और बेहतर और बड़ा बनाना चाहता हूं. मैं सेलम को पहचान दिलाना चाहता हूं. ये सब भगवान के आशीर्वाद से हुआ है, मैं अपनी भावनाओं को शब्दों में नहीं बता सकता. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चुना जाना मेरे लिए एक सपने के जैसा रहा.''

टी नटराजन. फोटो: AP
नटराजन ने अपनी इस बातचीत में ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर डेविड वॉर्नर के साथ हुई बातों को भी बताया. उन्होंने कहा,
''उन्होंने मेरे बारे में ट्वीट करके कहा है कि उन्हें मुझपर गर्व है. वो सनराइज़र्स टीम में मेरे कप्तान हैं. मैच के दौरान उन्होंने मुझसे कहा कि 'मैं बहुत खुशकिस्मत हूं क्योंकि मेरी बेटी के जन्म के बाद ही ये सब हो सका है.''टीम इंडिया में मिले मौके के बाद नटराजन प्रेशर में थे. उन्होंने बताया,
''मैं सिर्फ अपना काम करना चाहता था. मुझे ये मौका अचानक से मिला. मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि कैनबरा में मेरा वनडे डेब्यू होगा. मैनेजमेंट ने एकदम से मुझे खेलने के बारे में बताया और मैं प्रेशर में आ गया. लेकिन मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता था. उस मौके पर मिला पहला विकेट मेरे लिए एक सपने जैसा था.''विराट ने सौंपी नटराजन को ट्रॉफी टी20 सीरीज़ में जीत के बाद टीम इंडिया की परंपरा के हिसाब से ट्रॉफी सबसे नए खिलाड़ी टी नटराजन के हाथों में सौंपी गई. उन्होंने इस पल के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा,
''मैंने इसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं की थी. मैंने नहीं सोचा था कि विराट मेरे पास आएंगे और ट्रॉफी मेरे हाथों में पकड़ा देंगे. मैं एक किनारे खड़ा था. जब विराट जैसे दिग्गज ने आकर ट्रॉफी मेरे हाथों में पकड़ा दी. मेरी आंखों में आंसू आ गए, ये बेहद खास अनुभव था, मैं इसे बयान नहीं कर सकता.''अपने बच्चे के जन्म पर भारत नहीं आ पाने पर नटराजन ने कहा,
''अपने बच्चे के जन्म को मिस करना थोड़ा मुश्किल था. लेकिन देश का नेतृत्व करना मेरी पत्नी और मेरा परिवार के लिए बहुत बड़ी खुशी है.''टी नटराजन ने ऑस्ट्रेलिया में टी20, वनडे और टेस्ट तीनों में डेब्यू किया. गाबा में ऐतिहासिक जीत में भी उन्होंने बेहतरीन गेंदबाज़ी की और टीम की जीत में अहम योगदान दिया.





















