भारत ने T20 World Cup 2026 की ट्रॉफी जीत ली है. फाइनल में न्यूजीलैंड को अहमदाबाद में 96 रनों से हराकर टीम इंडिया ने अपना तीसरा T20 टाइटल जीता. ये लगातार दूसरी बार है जब भारत ने इस टूर्नामेंट का खिताब जीता, और घरेलू मैदान पर ट्रॉफी डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने इस जीत का क्रेडिट टीम को और पूर्व कोच राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को दिया.
गौतम गंभीर ने ट्रॉफी जीतने का क्रेडिट लिया नहीं, इस बार दिया है, पर किसे?
Gautam Gambhir ने फाइनल मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस जीत का क्रेडिट खुद नहीं लिया, बल्कि उन्होंने इसका क्रेडिट कुछ लोगों को दिया है. इस मौके पर उन्होंने कई पूर्व क्रिकेटर्स की जमकर तारीफ की.


मैच के मीडिया से बात करते हुए गंभीर ने कहा, "मैं इस T20 वर्ल्ड कप को राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं."
उन्होंने राहुल द्रविड़ को ‘राहुल भाई’ कहकर याद किया और कहा कि द्रविड़ ने भारतीय टीम को एक मजबूत जगह पर पहुंचाया. उनके कोचिंग टाइम में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, खासकर 2024 के वर्ल्ड कप में जीत हासिल की. वहीं गंभीर ने वीवीएस लक्ष्मण को BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के हेड के तौर पर सराहा. उन्होंने कहा,
“लक्ष्मण ने युवा खिलाड़ियों का पूल तैयार किया, जो अब टीम में आकर अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं.”
गंभीर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट का ये सिस्टम बहुत मजबूत है, और ये जीत उस सिस्टम की मेहनत का नतीजा है. गंभीर ने चीफ सलेक्टर अजित अगरकर को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि अगरकर ने ईमानदारी से काम किया, भले ही सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई.
साथ ही पूर्व BCCI सेक्रेटरी जय शाह का भी शुक्रिया अदा किया, जो मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहे. गंभीर ने बताया कि न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद भी जय शाह ने उन पर भरोसा रखा. हेड कोच ने बताया,
“मेरे सबसे मुश्किल वक्त में बहुत कम लोगों ने मुझे फोन किया था. असल में सिर्फ जय भाई ने ही कॉल किया. उन्होंने मुझे इस जॉब के लिए इतना दिखाया, जबकि मेरे पास न तो किसी फ्रेंचाइजी का हेड कोच बनने का अनुभव था, न ही किसी टीम का. फिर भी उन्होंने मुझे ये जिम्मेदारी सौंपी. इसलिए इन सबका बहुत-बहुत शुक्रिया. जब तक ये लोग (जैसे जय भाई) साथ हैं, तब तक इंडियन क्रिकेट बिल्कुल सुरक्षित हाथों में है.”
गंभीर ने टीम की इस जीत का राज भी बताया, और कहा कि उन्होंने ‘हाई रिस्क, हाई रिवॉर्ड’ वाला क्रिकेट खेला. उनका कहना है,
"T20 फॉर्मेट में हारने का डर नहीं होना चाहिए. अगर हारने का डर रहेगा तो जीत कभी नहीं मिलेगी."
उन्होंने कहा कि पहले टीम 160-170 रन के स्कोर पर संतुष्ट हो जाती थी, लेकिन अब 250+ के टारगेट बनाना टीम का लक्ष्य है.
कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर गंभीर ने टीम को फियरलेस बनाया. उन्होंने कहा कि माइलस्टोन (जैसे शतक) से ज्यादा ट्रॉफी मायने रखती है. टीम में कोई भी खिलाड़ी पर्सनल रिकॉर्ड के चक्कर में नहीं पड़ता. उदाहरण दिया संजू सैमसन का, जिन्होंने आखिरी तीन मैचों में 97 नॉट आउट, 89 और 88 रन बनाए. अगर सैमसन 94 पर शतक के चक्कर में खेलता तो शायद 250 का स्कोर नहीं बनता.
गंभीर ने बताया कि ड्रेसिंग रूम में 97 या 98 रन को भी उतना ही सम्मान मिलता है जितना शतक को. फाइनल में भारत ने अच्छा स्कोर बनाया था, गंभीर ने कहा कि खिलाड़ियों ने प्रोफेशनल और बहादुरी से खेला. टीम ICC टूर्नामेंट में अलग अंदाज में खेलती है, बाइलेटरल सीरीज से अलग.
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