गुजरात के जूनागढ़ में एक मंदिर के कार्यक्रम के लिए गांव के दलित परिवारों को निमंत्रण भेजा गया. आरोप है कि निमंत्रण के साथ सख्त चेतावनी दी गई कि अपने लिए अलग बर्तन लाना है और सबके साथ बैठकर नहीं खाना है. यह भी कहा गया है कि जब सारे कथित ऊंची जाति वाले लोग खाना खा लें, उसके बाद जो खाना बचेगा, उसी से पेट भरना है.
दलितों से कहा- 'अपनी थाली-गिलास लेकर आओ', गुजरात में राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा में घटिया हरकत
गुजरात के जूनागढ़ के एक गांव में भगवान राम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी. इस कार्यक्रम के लिए दलित परिवारों को निमंत्रण भेजा गया. आरोप है कि निमंत्रण के साथ सख्त चेतावनी दी गई कि अपने लिए अलग बर्तन लाना है और सबके साथ बैठकर नहीं खाना है.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला जूनागढ़ के भूतड़ी नाम के एक गांव का है. यहां भगवान राम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी. प्राण प्रतिष्ठा के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की गई. इसी दिन 25 साल के अजय चतुर बोरिचा पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई कि उनके गांव में छुआछूत हो रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अजय ने अपनी शिकायत में बताया,
“27 अप्रैल की शाम दलित समुदाय के कुछ लोग घर के बाहर बैठे थे. तभी मंदिर के कार्यक्रम का निमंत्रण देने पांच लोग आए. हमसे कहा गया कि हम कार्यक्रम में आमंत्रित हैं. लेकिन, हम अपनी अलग प्लेट और गिलास लाएं. कहा कि जब सारे लोग खाना खा लेंगे, हमें उसके बाद खाना है. हमें सबसे अलग बैठने के लिए भी कहा गया. इसके अलावा, हमें मंदिर में ना जाने के लिए कहा गया था.”
अजय ने बताया कि निमंत्रण के साथ उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि कार्यक्रम में अपने अलग बर्तन लेकर आना. साथ में ये भी कहा गया कि दलितों के खाने और पानी की अलग व्यवस्था की गई है.
ये भी पढ़ें: 'देवता नाराज, अगर तुम्हारा बना खाया', 4 महीने से आंगनबाड़ी में कोई बच्चे नहीं भेजता, क्योंकि रसोईया…
पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्जरिपोर्ट के मुताबिक, अपनी शिकायत में अजय ने पांच लोगों के नाम लिए. इनमें बाबू हापानी, नरेंद्र भानजी सिरोया, रमणीक सामजी सोराठिया, अतुल भीखा सिरोया और फूला पोपट सिरोया के नाम शामिल हैं. इन पांचों के खिलाफ, SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है. डीएसपी रविराज सिंह परमार ने कहा,
“हमने शिकायतकर्ता और दूसरे गवाहों के बयानों को प्राथमिक सबूत के रूप में लिया है. मामले में दोनों पक्ष अलग-अलग दावे कर रहे हैं. हमने सभी आरोपियों को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर दिया है. हम इस मामले में डिजिटल सबूत इकट्ठा करने की भी कोशिश कर रहे हैं.”
पुलिस ने बताया कि इस मामले के बाद प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तो हो गया था. लेकिन भोज को कैंसिल कर दिया गया था. फिलहाल मामले की जांच चल रही है.
वीडियो: शाहजहांपुर में दलित सब्जी वाले को लाठी से पीटने वाले का क्या हुआ?























