फ्रांस के अनुभवी कोच फ्रेडरिक सोयेज़ अब इंडियन जूनियर हॉकी टीम के कोच होंगे. हॉकी इंंडिया ने पूर्व भारतीय गोलकीपर और दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट पीआर श्रीजेश की जगह उन्हें नियुक्त किया है. श्रीजेश पिछले डेढ़ साल से टीम के साथ जुड़े थे.
फ्रांस के फ्रेडरिक सोयेज करेंगे श्रीजेश को रिप्लेस, इंडियन जूनियर हॉकी टीम को मिला नया कोच
Hockey India ने फ्रांस के अनुभवी कोच Frederic Soyez को इंडियन जूनियर मेंस हॉकी टीम का नया हेड कोच बनाया है. सोयेज़ अब PR Sreejesh की जगह लेंगे, जिनके कार्यकाल में टीम ने कई मेडल जीते थे. इस फैसले के बाद भारतीय हॉकी में विदेशी और भारतीय कोच को लेकर बहस तेज हो गई है.


एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेडरिक सोयेज़ यूरोपियन हॉकी के सबसे अनुभवी कोचों में गिने जाते हैं. उनके पास तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है. फ्रेडरिक 15 साल तक फ्रांस के लिए इंटरनेशनल हॉकी खेल चुके हैं. इसके बाद 15 साल से ज्यादा समय तक हाई-लेवल कोचिंग कर चुके हैं.
हॉकी इंडिया का लक्ष्य 2036 ओलंपिकसोयेज़ ने फ्रांस और स्पेन की नेशनल टीमों को भी कोचिंग दी है. उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2013 FIH जूनियर मेंस वर्ल्ड कप में फ्रांस को सिल्वर मेडल तक पहुंचाना माना जाता है. इसके अलावा, उन्होंने 2025 यूरोपियन चैंपियनशिप में फ्रांस की अंडर-18 टीम को भी सिल्वर मेडल दिलाया था. हाल के वर्षों में वह फ्रेंच हॉकी फेडरेशन में हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके हैं.
हॉकी इंडिया का मानना है कि सोयेज़ का अनुभव भारत की जूनियर टीम को लंबे समय में फायदा पहुंचा सकता है. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह फैसला सिर्फ तात्कालिक नतीजों के लिए नहीं, बल्कि 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखकर लिया गया है. जूनियर से सीनियर टीम तक खिलाड़ियों का मजबूत पाइपलाइन तैयार करना हॉकी इंडिया की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
श्रीजेश ने लगाए हैं गंभीर आरोपहालांकि, इस फैसले के बाद विवाद भी शुरू हो गया है. पीआर श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर हॉकी इंडिया के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें हटाकर विदेशी कोच को मौका दिया गया है, जबकि उनके कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा था.
श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाया था कि क्या भारतीय कोच हॉकी को आगे नहीं बढ़ा सकते? उन्होंने कहा कि उनके 17 महीने के कार्यकाल में टीम ने पांच टूर्नामेंट्स में पांच मेडल जीते थे, जिसमें जूनियर वर्ल्ड कप का ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल था.
दूसरी तरफ हॉकी इंडिया ने इन आरोपों को खारिज किया. फेडरेशन का कहना है कि श्रीजेश को हटाया नहीं गया, बल्कि उनका कॉन्ट्रैक्ट पूरा हो गया था. हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा कि कोच के सेलेक्शन के लिए एक औपचारिक प्रक्रिया अपनाई गई और श्रीजेश को एक दूसरा रोल भी ऑफर किया गया था. हालांकि, उन्होंने उस ऑफर को ठुकरा दिया.
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम दुनिया की सबसे सफल जूनियर टीमों में गिनी जाती है. टीम अब तक दो जूनियर वर्ल्ड कप और पांच जूनियर एशिया कप जीत चुकी है. हाल ही में टीम ने एशिया स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और कई युवा खिलाड़ी सीनियर टीम तक पहुंचे हैं.
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि फ्रेडरिक सोयेज़ के नेतृत्व में भारतीय जूनियर टीम आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में कैसा प्रदर्शन करती है. हॉकी इंडिया का यह फैसला भविष्य में भारतीय हॉकी को फायदा पहुंचाता है या ये गलती साबित होता है.
(ये खबर हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे कुमार ऋषभ ने लिखी है)
वीडियो: पीआर श्रीजेश की तारीफ में पूर्व प्लेयर और हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप टिर्की को सुना?



















