मोहम्मद आसिफ. फोटो: India Today Archive
साल 2006 भारत का पाकिस्तान दौरा. आखिरी बार भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर गई थी. तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ के आखिरी मैच को भारत ने गंवाया और सीरीज़ भी गंवा दी. लेकिन उस दौरे पर भारत की मजबूत बल्लेबाज़ी को देख पाकिस्तानी गेंदबाज़ कितने परेशान थे. ये बात अब पाकिस्तान के पूर्व पेसर मोहम्मद आसिफ ने कबूल की है. साल 2006 दौरे के कराची टेस्ट को याद करते हुए मोहम्मद आसिफ ने बताया कि वो और शोएब अख़्तर भारत की बल्लेबाज़ी ताकत को देखकर डरे हुए थे. उस दौरे पर भारतीय टीम ने तीन टेस्ट और सात वनडे खेले थे. लाहौर और फैसलाबाद के पहले दोनों टेस्ट ड्रॉ होने के बाद सीरीज़ 0-0 की बराबरी पर थी. लेकिन आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान ने मोहम्मद आसिफ को खिलाया और भारत आखिरी टेस्ट 341 रनों से हार गया. मोहम्मद आसिफ ने पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल के यूट्यूब चैनल पर कहा,
''इसमें कोई भी शक नहीं है कि वो एक बेहतरीन फीलिंग थी. उनकी टीम के पास मजबूत बल्लेबाज़ी थी. मुझे याद है जब मैं और शोएब भाई टीम शीट देख रहे थे. तो वो कह रहे थे, यार किस-किस को आउट करना होगा. नंबर सात या आठ पर वहां धोनी था.''
आसिफ ने आगे कहा,
''हमने बैटिंग लाइनअप देखा और कहा, ''हम इन्हें कैसे आउट करेंगे. क्योंकि इन सभी के खेल के सारे फॉर्मेट में कम से कम लाख-सवा लाख रन बनाए हैं. हर किसी के कम से 15-20 हज़ार रन अकेले ही हैं.''
कराची टेस्ट में क्या हुआ: कराची टेस्ट बेहद यादगार टेस्ट है. उस मुकाबले में भारत ने शानदार शुरुआत की. इरफान पठान ने टेस्ट में हैट्रिक ली और पाकिस्तान को 0/3 कर दिया. पाकिस्तान ने पहली पारी में 245 रन बनाए. जवाब में भारत की टीम आसिफ की गेंदबाज़ी के आगे बिखर गई. आसिफ ने मैच में कुल सात विकेट चटकाए और इंडियन बैटिंग को परेशान किया. भारत इस मैच को 341 रनों से हार गया.
शोएब के प्लान से हुई भारत की हार: मोहम्मद आसिफ ने इस मैच में अपने शानदार खेल का पूरा क्रेडिट शोएब अख्तर को दिया है. आसिफ ने कहा,
''मुझे याद है शोएब भाई भारतीय बल्लेबाज़ों को बहुत तेज़ गेंदबाज़ी कर रहे थे. वो फैसलाबाद से ही खतरनाक बाउंसर्स फेंक रहे थे. मैंने उन बाउंसर्स का फायदा उठाया क्योंकि उनकी बाउंसर्स की वजह से भारतीय बल्लेबाज़ बैकफुट पर खेल रहे थे और जब मैंने गेंदें आगे रखीं तो वो दो तरह से सोचने लगे. शोएब भाई को उस मैच में विकेट नहीं मिले लेकिन उन्होंने मेरे विकेटों के लिए एक स्टेज तैयार किया.''
साल 2006 के इस दौरे के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी सीरीज़ 2007 में खेली गई. जिसे जीतकर भारत ने इस सीरीज़ का हार का बदला पूरा किया.