संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) आखिर विराट कोहली (Virat Kohli) से क्यों जलते हैं? उनको किंग कोहली से इतनी कुढ़न क्यों है? विराट ने मांजरेकर का क्या बिगाड़ा है? आखिर ऐसा क्या है कि मांजरेकर विराट पर उंगली उठाते रहते हैं? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो मौजूदा समय में क्रिकेट फैंस या यूं कहिए विराट कोहली के चाहने वाले के दिलो-दिमाग में उठ रहे हैं. जाहिर है ऐसे सवाल उठना लाजिमी भी है. विराट कोहली इतने हल्के तो हैं नहीं कि कोई उन्हें कुछ भी बोल दे. इसलिए हम आपको आज ये बताते हैं कि संजय मांजरेकर ने किंग कोहली के टेस्ट करियर और कप्तानी पर कब-कब सवाल उठाए? इसके अलावा, हम यह भी बताएंगे कि क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में संजय मांजरेकर विराट कोहली के आगे कहां ठहरते हैं?
कोहली से क्यों चिढ़ते हैं मांजरेकर? रूट, स्मिथ और विलियमसन के तो कसीदे पढ़ते हैं
पूर्व क्रिकेटर Sanjay Manjrekar ने हाल ही में Virat Kohli की आलोचना की है. उनका कहना है कि विराट ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेकर खेलने के लिए आसान फॉर्मेट चुना है. वह सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले लेते तो अच्छा रहता.


हाल ही में एशेज सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में इंग्लैंड के बैटर जो रूट (Joe Root) ने शतक जड़ा. उनकी इनिंग्स देखकर मांजरेकर गदगद हो उठे. उन्होंने सोशल मीडिया पर जो रूट के कसीदे पढ़ने में देर नहीं की. उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर कहा,
जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं. ऐसे में मेरे दिमाग में विराट कोहली आ रहे हैं. विराट ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया, जो काफी निराशाजनक है. टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने से पहले विराट कोहली 5 साल तक सबसे बड़े फॉर्मेट में स्ट्रगल करते रहे. इस दौरान उन्होंने दिल से यह जानने की कोशिश नहीं की कि इन 5 सालों में उनका एवरेज 31 का क्यों रहा?
मांजरेकर ने आगे कहा,
मांजरेकर पहले भी उठा चुके हैं सवालमुझे निराशा होती है कि जो रूट, स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और केन विलियमसन (Kane Williamson) अभी टेस्ट में अच्छा कर रहे हैं. लेकिन, कोहली यह फॉर्मेट छोड़ चुके हैं. कोहली अगर सभी फॉर्मेंट छोड़ कर जाते तो ठीक रहता. लेकिन, उनका वनडे क्रिकेट खेलते रहना मुझे ज्यादा निराश करता है. यह एक ऐसा फॉर्मेट है, जो टॉप ऑर्डर के बैटर के लिए आसान होता है. कोहली ने आसान फॉर्मेट चुना है.
यह पहली बार नहीं हैं जब संजय मांजरेकर ने विराट कोहली के टेस्ट करियर पर सवाल उठाए हैं. वह इससे पहले भी विराट पर सवाल उठा चुके हैं. साल 2011-2012 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट मेलबर्न और सिडनी टेस्ट में असफल रहे. मेलबर्न टेस्ट में विराट ने 11 और सिडनी टेस्ट में 32 रन बनाए. 2 टेस्ट में विराट की यह परफॉर्मेंस देखकर संजय मांजरेकर बिलबिला उठे. उनसे रहा नहीं गया. उन्होंने कहा,
विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं हैं. उन्हें पर्थ टेस्ट के लिए टीम से बाहर कर देना चाहिए. मांजरेकर ने सुझाव दिया कि कोहली को पर्थ में सिर्फ यह साबित करने के लिए खेलना चाहिए कि वह वहां के लायक नहीं हैं.
बाद में पर्थ टेस्ट में विराट कोहली ने शानदार बैटिंग की. किंग कोहली ने पर्थ टेस्ट की पहली इनिंग्स में 44 और दूसरी पारी में 75 रन बनाए. इस तरह विराट ने पूरे मैच में 119 रन स्कोर किए. इसके बाद, एडिलेड टेस्ट में विराट ने अपनी बैटिंग का कमाल दिखाया. चौथे टेस्ट में विराट ने शानदार बैटिंग करते हुए शतक जड़ा. उन्होंने पहली इनिंग में 116 और दूसरी पारी में 22 रन बनाए. विराट कोहली 2011-2012 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शुरुआत में भले लड़खड़ाए हों, लेकिन इस टूर पर उन्होंने 4 टेस्ट मैचों में 300 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया टूर पर विराट ने बल्ले से मांजरेकर को माकूल जवाब दिया, लेकिन वह समझ नहीं पाए.
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कैप्टेंसी पर भी उठा चुके हैं सवालसाल 2022 की शुरुआत में विराट कोहली ने टेस्ट कैप्टेंसी से इस्तीफा दे दिया. इससे पहले, उन्होंने सितंबर 2021 में T20I की कप्तानी भी छोड़ दी थी. 2021 में ही विराट ने आरसीबी की कप्तानी से भी किनारा कर लिया था. किंग कोहली ने साल 2022 में जैसे ही टेस्ट की कप्तानी से इस्तीफा दिया, मांजरेकर को मौका मिल गया. उन्होंने ESPN Cricinfo पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा,
आंकड़ों में विराट vs मांजरेकरमुझे लगता है कि विराट कोहली कप्तानी छोड़ना नहीं चाहते हैं. लेकिन, उन्हें जैसे ही लगता है कि कैप्टेंसी से हटा दिया जाएगा, वह इस्तीफा दे देते हैं. उन्होंने आगे कहा, वह अनिल कुंबले की कोचिंग में असहज थे. रवि शास्त्री के आने के बाद चीजें आसान हुईं और विराट ने अपनी कप्तानी का लुत्फ उठाया. लेकिन, राहुल द्रविड़ शास्त्री जैसे नहीं हैं. इसका अंदाजा विराट को हो गया था.
संजय मांजरेकर किंग कोहली के टेस्ट करियर को लेकर कुछ भी कहें, लेकिन जब आंकड़ों के आधार पर दोनों क्रिकेटर्स की तुलना की जाती है तो मांजरेकर कोसों पीछे छूट जाते हैं. कोहली के आगे मांजरेकर मामूली टेस्ट क्रिकेटर नजर आते हैं. संजय मांजरेकर के स्टैट्स पर नजर डालें तो, वह 31 साल और 131 दिन तक टेस्ट क्रिकेट खेले. इस दौरान उन्होंने 37 टेस्ट में 2043 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में मांजेरकर के नाम 4 शतक और 9 अर्धशतक दर्ज हैं. क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में उनका बेस्ट स्कोर 218 रन रहा.
वहीं, अगर विराट कोहली की बात की जाए तो उन्होंने 123 टेस्ट मैचों में भारत को रिप्रजेंट किया. वह 36 साल 59 दिनों तक टेस्ट क्रिकेट में एक्टिव रहे. टेस्ट में विराट कोहली ने 9230 रन बनाए हैं. क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में विराट ने 30 शतक और 31 अर्धशतक जड़े. टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन नॉट आउट रहा. मजेदार बात यह है कि संजय मांजरेकर ने 31 साल और 131 दिन की उम्र में टेस्ट में 2043 रन बनाए बनाए थे. वहीं, विराट ने इतनी ही उम्र में टेस्ट क्रिकेट में 7226 रन बनाए.
पर्सनल लाइफ और चॉइस को समझना चाहिएसंजय मांजरेकर लगातार सवाल उठातेे रहे हैं. मांजरेकर को भले वनडे फॉर्मेट आसान लगता हो, लेकिन टीम इंडिया को 1983 के बाद से, वनडे वर्ल्ड कप जीतने में करीब तीन दशक लग गए. 2011 के बाद से भारत 50 ओवर का विश्व कप जीत नहीं पाया है. विराट कोहली बखूबी जानते हैं कि उन्हें कब क्या करना है? विराट ने टेस्ट और T20I फॉर्मेट कुछ सोच कर ही छोड़ा होगा. विराट की तमन्ना है कि उनके रहते टीम इंडिया एक बार फिर वर्ल्ड चैंपियन बने. इसके इतर कोहली की अपनी पर्सलन लाइफ और चॉइस भी है. विराट क्या करेंगे और क्या नहीं करेंगे? इसे मांजरेकर तय नहीं कर सकते. संजय मांजरेकर को समझना चाहिए कि कोहली पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन उनके जैसा बनना मुश्किल है.
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