क्रिकेट में देखो तो लगता है कि दो टीमें भिड़ रही हैं. हमको तो बस गेंद और बैट भिड़ते दिखते हैं. एक भी न हो तो काहे का क्रिकेट? क्रिकेट यानी गेंद और बैट. फिर जगह चाहे जो हो. क्रिकेट हो जायेगा. मैदान हो, छत हो, बालकनी हो, कमरा हो, घर का आंगन हो, हॉल हो. कुछ हो. खेलने वाले 2 से 22 हो सकते हैं. अम्पायर हो न हो. मैच खेल लिया जाता है. बात जब गेंद और बैट के कम्पटीशन की आती है, तो कभी बैट और कभी बॉल जीतती है. क्रिकेट का इतिहास तो बहुत ही पुराना है लेकिन यहां हैं वो हाल ही में आये मौके, जब बैट से बॉल जीती. जब बॉलर्स ने टॉप क्लास गेंदबाजी की. जब बैट्समैन के पास उनकी फेंकी गेंदों का कोई जवाब नहीं था.
5. डेल स्टेन 10-154 वर्सेज़ ऑस्ट्रेलिया
2007-08 साउथ अफ़्रीका का सबसे शानदार सीज़न. ये वो समय था जब साउथ अफ़्रीका ने 2006 में अपने श्री लंका के टूर के बाद किसी भी टीम से टेस्ट में हार नहीं खायी. इसमें बहुत बड़ा हाथ डेल स्टेन का भी था. डेल स्टेन इस वक़्त अपने चरम पर थे. और एमसीजी में दी उनकी ये परफॉरमेंस इस बात का सबसे बड़ा सबूत थी. ये एक बैटिंग पिच थी और साथ ही ऑस्ट्रेलिया का घर. WACA ग्राउंड में मिशेल जॉनसन से मार खाने के बाद जिस तरह से उसी टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने कमबैक किया, उन्हें रोक पाना मुश्किल ही था. सारा खेल कॉन्फिडेंस का था. यहां 198 पर 7 विकेट गिरने के बाद 200 रन से पिछड़े होने के बावजूद 65 रन की लीड लेना निश्चित ही क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े कम-बैक्स में से एक होगा. इस कम-बैक के बारे में सबसे बड़ी बात ये थी कि ये काम ऑस्ट्रेलिया में ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ हुआ था. पूरी सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया के पास एक सवाल का कोई जवाब नहीं था- डेल स्टेन. https://www.youtube.com/watch?v=Cqri1-ofMP4
4. जेम्स एन्डरसन 10-45 वर्सेज़ श्री लंका
इंग्लैण्ड के महानतम गेंदबाज एंडरसन हैं या नहीं, इस बात पर डिबेट खतम होगा या नहीं, कहा नहीं जा सकता. लेकिन हां, दो इनिंग्स में 5-5 विकेट लेकर श्री लंका को ध्वस्त कर देने के बाद इस परफॉरमेंस का ज़िक्र ज़रूरी है. बेहतरीन स्विंग और पेस का कॉम्बिनेशन वो भी उस वक़्त जब जिमी को खतम हो चुका बॉलर माना जाने लगा था. जेम्स एन्डरसन 2003 के बाद से अपने सबसे घटिया बॉलिंग एवरेज को लेकर खेल रहे थे - 28.62 लेकिन उनकी गेंदों ने उनके हाथ से छूटने के बाद जो कर्व बनाया, उसने उनके सभी ग्राफ़ों को ऊपर उठा दिया. हेडिंग्ले मैदान से एन्डरसन को नफरत है. और ये बात एन्डरसन खुद कह चुके हैं. ऐसे में उसी मैदान पर ये कमाल इसे कुछ ज़्यादा ही स्पेशल बना देता है. https://www.youtube.com/watch?v=7LdjiN7DFe4
3. सोहेल तनवीर 14-6 वर्सेज़ चेन्नई सुपर किंग्स
ये वो वक़्त था जब आईपीएल में खेलने से पहले किसी भी प्लेयर को अपने देश का नाम नहीं सोचना पड़ता था. इसलिए सोहेल तनवीर भी खेल रहे थे. पहला आईपीएल. सामने थी सीएसके. चेन्नई सुपर किंग्स. धोनी की टीम. सोहेल तनवीर बॉलिंग पर आये. मैच की पहली गेंद. पार्थिव पटेल आउट. पार्थिव ने शायद पिछले कई दिनों में ऐसी स्विंग नहीं देखी थी. पैर पे गेंद खा गए. एलबीडब्लू आउट. और यहीं से शुरू हुआ मैच में चेन्नई की इनिंग्स का पतन. स्टीफेन फ़्लेमिंग भी ज़ीरो पर आउट. पूरी इनिंग्स में सोहेल तनवीर गेंद को तैराते रहे और चेन्नई के बैट्समैन जूझते रहे. सोहेल तनवीर ने कुल चौबीस गेंदें फेंकी. इनमें मात्र 14 रन दिए और विकेट लिए 6. आईपीएल के इतिहास में सबसे घातक स्पेल्स में से एक स्पेल. https://www.youtube.com/watch?v=5HLeGNOVA0o
2. मिशेल जॉनसन 7-40 वर्सेज़ इंग्लैंड
मिशेल जॉनसन ने इंग्लैण्ड को तबाह कर दिया था. इससे ज़्यादा और कम कुछ कहा जाने लायक नहीं है. https://www.youtube.com/watch?v=YzhzQiW4rtY
1. वहाब रियाज़ 9-2 वर्सेज़ ऑस्ट्रेलिया
जॉश हेज़लवुड ने पाकिस्तान का बिस्तरा बांध दिया था. 4 विकेट लिए थे 35 रन पर. वहाब रियाज़ को काफी चिढ़ाया गया था. वो तड़प रहा था गेंद फ़ेंकने के लिए. पाकिस्तान गेंदबाजी करने उतरी. नौंवे ओवर में वहाब रियाज़ को गेंदबाजी पर लाया गया. और फ़िर ऑस्ट्रेलिया ने जिस चीज का सामना किया उसे वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे शानदार और सबसे खतरनाक बॉलिंग स्पेल्स में हमेशा याद किया जायेगा. वहाब रियाज़ ने छोटी, पटकी हुई तेज़ गेंदें फेंक-फेंक कर वाटसन का जीना हराम कर दिया था. ये वो अटैक था जिसमें दस ओवर की लिमिट होने की बात खल सी रही थी. वो दिन वहाब रियाज़ का था लेकिन अफ़सोस इतना था कि दोनों एंड्स से वो ही गेंदें नहीं फेंक सकते थे. वहाब को विकेट भले ही दो ही मिले हों लेकिन उनकी बॉलिंग ने बहुत देर तक ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर ही रक्खा. शानदार अग्रेसिव बॉलिंग. https://www.youtube.com/watch?v=O6mKOSuhKs8