ये ग़ज़लें हमें अबरार अहमद ने भेजी हैं. अबरार उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से हैं. बीते 12 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. फ़िलहाल गाज़ियाबाद में अमर उजाला अखबार से जुड़े हुए हैं. दैनिक भास्कर के साथ भी काम किया है. ग़ज़ल, नज़्म और कविताएं लिखते हैं. एक कविता रोज: 'कितने गरीब हो गए हैं हम आज इस शहर में'
आज पढ़िए युवा शायर अबरार अहमद की दो ग़ज़लें.
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फोटो - thelallantop
ये ग़ज़लें हमें अबरार अहमद ने भेजी हैं. अबरार उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से हैं. बीते 12 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. फ़िलहाल गाज़ियाबाद में अमर उजाला अखबार से जुड़े हुए हैं. दैनिक भास्कर के साथ भी काम किया है. ग़ज़ल, नज़्म और कविताएं लिखते हैं. Add Lallantop as a Trusted Source

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