चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के साथ खेले जाने वाले मैच से पहले फैंस से एक अपील की है. थलापति विजय की शपथ और मैच से एक दिन पहले CSK ने दर्शकों से यह गुजारिश की गई है. CSK ने कहा कि फैंस एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक स्टेडियम) में किसी भी पार्टी का समर्थन करने वाले पॉलिटिकल बैनर, झंडे और होर्डिंग न लाएं. रविवार, 10 मई को चेन्नई सुपर किंग्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स का मैच खेला जाना है. मैच से चंद घंटे पहले ही जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं.
थलापति विजय की शपथ से पहले CSK ने फैंस से क्या 'अपील' कर दी?
CSK VS LSG के बीच 10 मई को दोपहर 3:30 बजे मैच खेला जाएगा. यानी Vijay के शपथ लेने के चंद घंटों के बाद ही. ये मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाना है. इससे एक दिन पहले ही CSK ने फैंस से खास अपील की.


CSK और LSG के बीच 10 मई को दोपहर के 3:30 बजे से मैच खेला जाएगा. ये मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है. इससे एक दिन पहले शनिवार,9 मई को CSK ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. CSK ने लिखा,
‘आइए हमारे साथ क्रिकेट और खेल की भावना का जश्न मनाएं. हम अपने सुपर फैंस से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे किसी भी पॉलिटिकल पार्टी/व्यक्ति से जुड़े बैनर, झंडे या होर्डिंग लाने से बचें और पूरे पीले रंग के साथ खेल का मजा लें.

CSK ने अपने फैंस से क्रिकेट पर फोकस करने की अपील की. इसके अलावा एमए चिदंबरम स्टेडियम के अंदर पॉलिटिकल मैसेजिंग से भी बचने की भी गुजारिश की.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है, जब इस तरह की रोक-टोक की बात हुई है. इससे पहले भी स्टेडियम के अंदर चीजों के ले जाने पर रोक लगाई गई है. ताजा विवाद इसी साल फरवरी-मार्च में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान हुआ. तब दर्शकों को एमए चिदंबरम स्टेडियम के अंदर सीटी ले जाने से रोक दिया गया था. इसके बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था.
एक्टर से नेता बने जोसेफ विजय की TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) पार्टी का चुनाव चिह्न 'सीटी' है. वर्ल्ड कप के दौरान कथित तौर पर पुलिस ने फैंस को स्टेडियम के भीतर सीटियां साथ ले जाने से रोक दिया था. स्टेडियम के बाहर वेंडर्स को भी सीटियां बेचने से भी रोक दिया था. इसके बाद भी काफी बहस हुई थी.
दरअसल, ‘व्हिसल पोडू’ स्लोगन लंबे समय से CSK और चेपॉक के कल्चर का एक खास हिस्सा बन चुका है. ऐसे में फैंस की ओर से इस बात पर आपत्ति जताई गई कि ऐसी जगह पर सीटियों पर रोक लगा दी गई है, जहां आमतौर पर सीटियां मैच के दिन के माहौल का एक हिस्सा होती हैं.
बाद में तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने इस बात पर सफाई भी दी. एसोसिएशन ने बताया कि यह पाबंदी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) या इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (TNCA) की ओर से नहीं लगाई गई. TNCA ने अपने बयान में बताया था कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इस पाबंदी के बारे में जानकारी दी थी.
विवाद बढ़ने पर चेन्नई के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर सफाई पेश करते हुए कहा था कि पुलिस ने सीटियों पर 'कोई ऑफिशियल बैन नहीं लगाया था. फिर उन्होंने कहा कि ग्राउंड पर कर्मचारियों के ज्यादा सवाधानी बरतने से ऐसा कन्फ्यूजन हो सकता है.
वीडियो: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु की शपथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसके पैर छुए?


















