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बॉल टैंपरिंग के बाद श्रीलंका ने की भयानक नौटंकी, 80 मिनट मैदान में ही नहीं उतरी

पाकिस्तान टीम ऐसे ही 15 मिनट नहीं उतरी थी, तो जो हुआ था उस पर आप विश्वास नहीं करेंगे.

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श्रीलंका और वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज़ से एक और बॉल टेंपरिंग की खबर आ रही है.
20 अगस्त, 2006 को इंग्लैंड के दी ओवल ग्राउंड पर मैच हो रहा था. पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं. चौथे टेस्ट मैच का चौथा दिन चल रहा था. इंग्लैंड अपनी दूसरी इनिंग खेल रही थी. 230 रन पर उनके तीन विकेट निकल चुके थे. डैरेल हेयर और बिली डॉक्ट्रोव उस मैच में अंपायरिंग कर रहे थे. 56वें ओवर के बाद अचानक से डैरेल हेयर ने बॉल बदलने का इशारा किया. क्योंकि हेयर ने बॉल में कुछ अंतर महसूस किया, जो उन्हें सही नहीं लग रहा था. ऊपर से मो. आसिफ और उमर गुल की बॉल बढ़िया स्विंग होने लगी थी. गेम रोककर डैरेल हेयर अपने साथी फील्ड अंपायर बिली डॉक्ट्रोव को बॉल की ओर इशारा करते हुए कुछ बता रहे थे. उन्हें कुछ गड़बड़ लग रहा था. इसके बाद चौथे अंपायर ट्रेवर जेस्टी बॉल का डिब्बा लिए ग्राउंड पर पहुंचे और बॉल बदल दी गई. अंपायरों ने साफ तौर पर बताया कि पाकिस्तानी कप्तान इंजमाम-उल-हक ने बॉल टेंपरिंग की है. इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान की टीम पर पेनल्टी लगाते हुए इंग्लिश टीम को पांच रन दे दिए. इंग्लैंड की पारी के 72 ओवर पूरे होने के बाद टी ब्रेक हो गया.
टी ब्रेक खत्म हो गया. दोनों अंपायर मैदान पर पहुंच गए, लेकिन पाकिस्तानी टीम का कोई अता-पता नहीं था. अंपायर भी फील्ड से बाहर चले गए. तब पता चला कि पाकिस्तानी टीम हेयर के बॉल बदलने के फैसले के विरोध में मैदान पर उतरने से मना कर रही है. उन्होंने थोड़ी देर से फील्ड पर पहुंचने का प्लान बनाया था. टी ब्रेक के 15 मिनट बाद अंपायर फिर से मैदान पर आए. उनके साथ दोनों नॉट आउट बैट्समैन इयन बेल और पॉल कॉलिंगवुड भी थे. लेकिन पाकिस्तानी टीम अब भी ड्रेसिंग रूम में ही थी. पाकिस्तान के कैप्टन इंजमाम-उल-हक़ प्लेयर्स के साथ बालकनी में खड़े थे, लेकिन जैसे ही हेयर ने उनकी ओर देखा, उन्होंने अंदर जाकर दरवाज़ा बंद कर दिया. अंपायरों ने दो मिनट और इंतज़ार किया और उसके बाद विकेटों पर लगी गिल्लियां बिखेरकर वापस लौट गए. और इंग्लैंड को विनर अनाउंस कर दिया गया.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन शहरयान खान इस फैसले से पहले पाकिस्तान टीम के ड्रेसिंग रूम में पहुंचे और अपने खिलाड़ियों को ग्राउंड पर जाने के लिए मनाया और दर्शकों को चीयर करने के लिए थंब्स अप वाला सिंबल दिखाते पाए गए. अंपायरों के जाने के 25 मिनट बाद पाकिस्तानी टीम मैदान पर उतरी. वो अंपायरों के फैसले को हल्के में ले रही थी. सोचा था कि मैच हो जाएगा. मगर ये फैसला फाइनल था. पाक टीम को निराश होकर ड्रेसिंग रूम में लौटना पड़ा. बाद में शहरयार खान ने कहा भी था कि उनकी टीम खेलने को तैयार है, लेकिन अंपायरों की ओर से उन्हें सपोर्ट नहीं मिल रहा.

16 जून को ऐसी ही एक और घटना हुई है. श्रीलंका और वेस्ट इंडीज़ की टीम के बीच चल रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के दूसरे मैच के दौरान. सेंट लूसिया के डैरेन सैमी ग्राउंड पर मैच के तीसरे दिन का खेल शुरू होने वाला था. अंपायर और वेस्ट इंडीज़ के बैट्समेन मैदान पर आ चुके थे, लेकिन दूसरी टीम यानी श्रीलंका का कोई प्लेयर ग्रांउड पर नहीं दिख रहा था. अंपायरों ने दूसरे दिन के खेल के दौरान श्रीलंकन कप्तान दिनेश चांडीमल को बॉल टेंपरिंग का दोषी माना था. लेकिन श्रीलंका की टीम को तीसरे दिन का खेल शुरू होने से दस मिनट पहले इस बात की जानकारी दी गई. साथ ही उन्हें ये भी बताया गया कि इस गलती के लिए पेनल्टी के तौर पर वेस्ट इंडीज़ को पांच रन दे दिए गए हैं.
श्रीलंका की टीम के मैदान पर उतरने का इंतज़ार करते वेस्ट इंडीज़ के बल्लेबाज और फील्ड अंपायर.
श्रीलंका की टीम के मैदान पर उतरने का इंतज़ार करते वेस्ट इंडीज़ के बल्लेबाज और फील्ड अंपायर.

इसी चीज़ के प्रोटेस्ट में श्रीलंका की टीम ने मैदान पर उतरने से मना कर दिया. श्रीलंकाई खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने की राह देख रहे कैमरे, अब उनके ड्रेसिंग रूम की ओर मुंह किए हुए थे. ऐसे में जायंट स्क्रीन पर तीन लोग दिखाई दिए. श्रीलंकाई कोच, टीम के मैनेजर और मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ. तीनों बातचीत कर रहे थे. बहुत सारा तमाशा करने के बाद नियमित समय से 80 मिनट की देरी से श्रीलंका की टीम मैदान पर उतरी, लेकिन नियमों के मुताबिक जैसे ही बॉल को चेंज किया जाने लगा, वो वापस लौट गए. हालांकि पिछली बार हुई लानत-मलामत को देखते हुए यहां पर गिल्लियां बिखेर मैच रद्द करने का ऐलान नहीं किया गया. ये बात ताज्जुब वाली लग सकती है. वो इसलिए क्योंकि पाक-इंग्लैंड वाले मैच में 15 मिनट में ही ये फैसला हो गया था. मगर यहां 80 मिनट बाद भी ये नहीं किया गया.
मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ के साथ श्रीलंका के कोच चंडिका हथुरासिंहे और मैनेजर असंका गुड़सिंहा.
मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ के साथ श्रीलंका के कोच चंडिका हथुरासिंहे और मैनेजर असंका गुरसिंहा.

पिछले दो सालों में बॉल टेंपरिंग से जुड़ा ये तीसरा केस है. इसके पहले 2016-2017 में साउथ अफ्रीकी टीम के कप्तान फाफा-डू-प्लेसी को बॉल पर कुछ रगड़ते हुए देखा गया था. इसके बाद उन्हें जुर्माने के तौर पर अपनी मैच फीस गंवानी पड़ी थी. स्टीव स्मिथ, बैंक्रॉफ्ट और वॉर्नर के इंटरनेशनल क्रिकेट से बैन किए जाने का हालिया मामला तो सबको ही पता है. अब इस लिस्ट में दिनेश चांडीमल का नाम भी जुड़ गया है. मगर इस पूरे कांड के बाद मैच दोबारा शुरू होना ताज्जुब वाली बात है. चांडीमल को सजा जो भी मिले, मगर दोबारा मैच शुरू होना कई सवाल खड़े करता है.


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