भारतीय टीम के पूर्व ऑल-राउंडर इरफान पठान ने 35 साल की उम्र में संन्यास का ऐलान कर दिया है. कई फैंस और क्रिकेट के जानकार इरफान के टीम से बाहर होने के लिए आज भी ग्रैग चैपल को जिम्मेदार मानते हैं. लेकिन इरफान पठान ने अपने करियर और टीम से बाहर होने को लेकर कुछ और ही कहा है.
इरफान पठान के टीम से बाहर जाने का जिम्मेदार चैपल नहीं कोई और है
इरफान पठान ने बताया हक़ीक़त में क्या हुआ था.


इरफान पठान ने कहा है कि ग्रेग चैपल को दोष देना सिर्फ मुद्दे को भटकाना था. इरफान पठान ने पीटीआई से बातचीत में कहा,
'इस तरह की सभी बातें. लोगों का ग्रैग चैपल को लेकर बात करना सिर्फ मुद्दे को भटकाना था. मुझे लेकर ऐसी बातें भी आईं कि इरफान अब क्रिकेट में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा. ऐसा भी विश्वास कर लिया गया कि इरफान पठान को अब पहले जैसी स्विंग नहीं मिल रही है. लेकिन लोगों को ये समझाने की ज़रूरत है कि आपको हमेशा वैसी स्विंग गेंदें देखने को नहीं मिलेंगी. जैसी 10 ओवर के क्रिकेट में होती है. मैं अभी भी गेंद को पूरी तरह से स्विंग कराने में सक्षम हूं.'
पठान ने आगे कहा,
'लोग मेरे प्रदर्शन को लेकर बातें करते थे, लेकिन टीम में मेरी जिम्मेदारियां अलग थीं. टीम में मेरा काम रनों पर रोक लगाना था क्योंकि मैं गेंदबाज़ी में पहले बदलाव के बाद आता था. मुझे टीम ने ये जिम्मेदारी सौंपी थी. मुझे याद है कि साल 2008 में श्रीलंका को हराने के बाद मुझे टीम से बाहर कर दिया गया. टीम के जीतने के बाद बिना किसी कारण के टीम से कौन निकाला जाता है?
वहीं टीम इंडिया के लिए फिर से खेलने के सपने पर इरफान कहते हैं.
'मैं हमेशा तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहता था, लेकिन साल 2009-10 में मुझे कमर में चोट लगी. इसके बाद कई तरह के स्कैन भी कराने पड़े. जिससे की पता चल सके कि आखिर मेरी पीठ में तकलीफ क्यों है. लेकिन उस समय इस तरह की मशीनें नहीं थीं जिससे इसका कारण पता चल सके.'
टीम से अपनी विदाई की कहानी के अलावा इरफान ने पूर्व भारतीय कप्तानों में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की तारीफ की. पठान ने कहा,
'जब मैं भारतीय टीम में आया तो गांगुली जानते थे कि मैं ऑस्ट्रेलिया में नई गेंद के साथ अच्छा कर सकता हूं. इससे मुझे क़ॉन्फिडेंस मिला. और मुझे लगता है कि वहीं से मुझे सही शुरुआत मिली.'
वहीं पठान ने द्रविड़ पर कहा,
'और फिर जब द्रविड़ कप्तान बने तो उन्होंने मेरी काबीलियत को एक कदम आगे बढ़कर इस्तेमाल किया. उन्होंने मुझे बल्लेबाज़ी में ऊपर भेजा. साथ ही नई गेंद से भी मेरा इस्तेमाल किया.'
इरफान पठान ने भारत के लिए कुल 173 इंटरनेशनल मैच खेले. उन्होंने इन मैचों में 2821 रन बनाने के साथ 301 विकेट्स भी लिए.
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