टीम इंडिया का ODI सीजन खत्म होने वाला है. इसे लेकर बीसीसीआई सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट के साथ साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद एक मीटिंग करना चाहता है. ताकि 2027 वर्ल्ड कप को लेकर रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) के फ्यूचर पर बात हो सके.
क्या BCCI रोहित-कोहली से संन्यास पर बात करने जा रहा है? साउथ अफ्रीका सीरीज़ के बाद ये है प्लैनिंग
साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर को रांची में खेला जाना है. इस सीरीज में एक बार फिर टीम मैनेजमेंट से लेकर फैन्स तक सभी की नज़रें Rohit Sharma और Virat Kohli पर होंगी.


द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के ऑफिशियल्स, कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर (Ajit Agarkar) विशाखापत्तनम में अंतिम वनडे मैच के बाद अहमदाबाद में एक बैठक कर सकते हैं. रोहित और कोहली के साथ अगले वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम की तैयारी को लेकर अभी तक ठीक से बातचीत नहीं हुई है.
ऐसा पता चला है कि टीम मैनेजमेंट इन दोनों ही प्लेयर्स के बैकअप तैयार कर रहा है. ताकि अगर दोनों में से कोई आगामी वर्ल्ड कप में मौज़ूद नहीं हों तो उनकी जगह बैकअप प्लेयर्स खेल सके.
बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया,
यह बहुत ज़रूरी है कि रोहित और कोहली जैसे खिलाड़ियों को यह साफ़-साफ़ बताया जाए कि उनसे क्या उम्मीद है. साथ ही मौजूदा मैनेजमेंट उनकी भूमिका को किस तरह देखता है. वो अनिश्चितता के साथ नहीं खेल सकते.
यह भी पता चला है कि बीसीसीआई ने रोहित से कहा है कि वह ‘सिर्फ अपनी फिटनेस और प्रदर्शन पर ध्यान दें’ और अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देने से ‘बचें’. बोर्ड दोनों प्लेयर्स से सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट की चिंताओं के बारे में भी बात कर सकता है.
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मैनेजमेंट को इस बात की चिंता है कि वे कितनी जल्दी फॉर्म में वापस आ पाएंगे. क्योंकि अब वो सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं और लंबे ब्रेक के बाद टीम में शामिल होंगे. बीसीसीआई के सूत्र ने आगे कहा,
दोनों प्लेयर्स से क्या चाहता है बोर्ड?ऑस्ट्रेलिया में तीसरे वनडे में उन्होंने रन बनाए. लेकिन, सीरीज तो तब तक टीम इंडिया पहले ही हार चुकी थी. तीसरे वनडे में भी मैच पहली इनिंग में ही बॉलर्स ने सेट कर दिया था. पहले दो मैचों में वो लय में नहीं दिख रहे थे. हर सीरीज़ में ऐसा नहीं हो सकता.
टीम चाहती है कि रोहित आक्रामक तरीके से ही खेलें. जैसा वो आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक खेलते रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में ये साफ तौर पर नज़र आ रहा था कि वो सेट होने के लिए ज्यादा समय ले रहे थे. बीसीसीआई के सूत्र ने आगे कहा,
उम्मीद है कि रोहित टॉप ऑर्डर में एक निडर बैटर के तौर पर मिसाल कायम करते रहेंगे. ऑस्ट्रेलिया में हालात मुश्किल थे, लेकिन ऐसा लग रहा था कि वह रिस्क लेने से बच रहे हैं. दोनों से बैटिंग को लीड करने की उम्मीद है ताकि उनके टीम के बाकी यंग बैटर्स के लिए काम आसान हो सके.
दूसरा बड़ा मसला है इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा उनका गेम टाइम. अगर वो इस साल गर्मियों में इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते तो बोर्ड खुश होता. बोर्ड उन्हें अगले महीने विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा लेने की भी सलाह देगा. सीजन खत्म होने से पहले जनवरी में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ भी तीन मैचों की सीरीज खेलनी है. इसके बाद, भारत का अगला ODI मुकाबला सीधा जुलाई में इंग्लैंड में तीन मैचों की सीरीज है. ऐसे में दोनों प्लेयर्स को लेकर फैसला जल्द ही लिया सकता है.
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