किदाम्बी श्रीकांत. फोटो: AFP
किदाम्बी श्रीकांत. भारत के बैडमिंटन स्टार हैं. बैंकॉक में चल रहे थाईलैंड ओपन में हिस्सा लेने गए हैं. वहां उन्होंने हेल्थ अदिकारियों पर खराब व्यवहार और व्यवस्था का आरोप लगाया है. 12 जनवरी को किदाम्बी श्रीकांत ने अपने नाक से बहते खून की तस्वीरें शेयर की और बेहद खराब ट्रीटमेंट मिलने का आरोप लगाया. श्रीकांत ने ट्वीट किया कि वो चार बार कोविड 19 टेस्ट से गुज़रे, लेकिन हर बार कोई न कोई समस्या रही. दरअसल, प्रोटोकॉल्स के तहत किसी भी खेल टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को कोविड 19 टेस्ट से गुज़रना पड़ता है. इसी क्रम में श्रीकांत का भी कोरोना टेस्ट हुआ. लेकिन अलग-अलग वजहों से उनको चार बार कोविड-19 टेस्ट करवाना पड़ा. किदाम्बी ने लिखा,
''हम यहां मैच के लिए खुद का ख्याल रखने आए हैं, न कि खून बहाने के लिए. यहां पहुंचने के बाद मेरा चार बार कोविड-19 टेस्ट हो चुका है और मैं यह कह नहीं सकता कि उनमें से कोई भी ठीक तरह से पूरा हुआ. ये बिल्कुल भी मंजूर नहीं है.''
बैंकॉक पहुंचे भारतीय बैडमिंटन दल में कोविड-19 के पॉज़िटिव केसेस आए हैं. शटलर साइना नेहवाल को कोविड-19 पॉज़ीटिव हैं. उनसे पहले एचएस प्रनॉय की रिपोर्ट भी पॉज़ीटिव आई थी. हालांकि बाद में उनकी रिपोर्ट नैगेटिव आई. किदाम्बी अकेले नहीं हैं जो हेल्थ डिपार्टमेंट के रवैये से नाराज़ हैं. साइना नेहवाल भी ट्विटर पर इस बात को लेकर शिकायत कर चुकी हैं. उन्होंने लिखा,
''मुझे अब तक अपनी कोविड टेस्ट की रिपोर्ट नहीं मिली है जो कि बहुत ज़्यादा कंफ्यूज़ करने वाला है. यहां तक कि अब वो मुझे वॉर्म अप मैच से पहले बैंकॉक में हॉस्पिटल जाने के लिए बोल रहे हैं. बता रहे हैं कि मैं पॉज़ीटिव हूं. नियमों के मुताबिक, जांच की रिपोर्ट पांच घंटे के अंदर आ जानी चाहिए.''
साइना नेहवाल का टेस्ट 11 जनवरी को हुआ था. लेकिन 12 जनवरी की दोपहर तक उन्हें अपनी रिपोर्ट नहीं मिली थी.