भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर गई थी. इसकी कई लोगों ने आलोचना की. इनमें पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी नेता कीर्ति आजाद शामिल भी शामिल थे. उन्होंने कहा था कि ट्र्रॉफी पूरे देश की है और इसे किसी एक धर्म से जुड़ी जगह ले जाना सही नहीं था. वर्ल्ड कप के दौरान टीम में शामिल अक्षर पटेल (Axar Patel) ने इसे लेकर बात की है.
वर्ल्ड कप ट्रॉफी मंदिर ले जाना सही था? अक्षर पटेल ने साफ जवाब दिया
भारत 8 मार्च की रात वर्ल्ड कप जीता. इसके ठीक बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, आईसीसी चीफ जय शाह, BCCI सचिव जय शाह वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर गए थे. अक्षर पटेल उनके साथ नहीं थे. टीम इंडिया के इस कदम को लेकर अक्षर से सवाल किया गया. उन्होंने साफ कहा कि इसमें कुछ गलत या बुरा नहीं है.


भारत 8 मार्च की रात वर्ल्ड कप जीता. इसके ठीक बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, आईसीसी चीफ जय शाह, BCCI सचिव जय शाह वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर गए थे. अक्षर पटेल उनके साथ नहीं थे. टीम इंडिया के इस कदम को लेकर अक्षर से सवाल किया गया. उन्होंने साफ कहा कि इसमें कुछ गलत या बुरा नहीं है. दिल्ली कैपिटल्स के एक इवेंट में अक्षर पटेल ने कहा,
मंदिरों में जाना कोई बुरी बात नहीं है. हम उन मंदिरों में जाते हैं जहां हम आम तौर पर नहीं जा पाते. टूर्नामेंट के दौरान हमारे साथ सुरक्षाकर्मी भी होते हैं तो हम जाते हैं.
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान और ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने यहां IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि निजी तौर पर वह इस नियम को पसंद नहीं करते हैं. अक्षर को लगता है कि इससे उनके जैसे ऑलराउंडर्स की ग्रोथ पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा,
मुझे यह नियम पसंद नहीं है, क्योंकि मैं खुद एक ऑलराउंडर हूं. पहले टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने वाले खिलाड़ियों को चुना जाता था, लेकिन अब टीम मैनेजमेंट अलग-अलग स्पेशलिस्ट बैटर या बॉलर चुनता है. ऐसे में वह सोचते हैं कि ऑलराउंडर की जरूरत ही क्या है.
उन्होंने आगे कहा,
रोहित और हार्दिक भी नियम के खिलाफएक ऑलराउंडर होने के नाते मुझे यह नियम पसंद नहीं है, लेकिन नियम तो नियम होते हैं और हमें उनका पालन करना ही पड़ता है. व्यक्तिगत रूप से मैं इसके पक्ष में नहीं हूं.
अक्षर ने यहां अपने पिछले साल के प्रदर्शन पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कि पिछले IPL सीजन में उन्होंने 204 गेंदें फेंकी थीं, जबकि 2024 के सीजन में उन्होंने 264 गेंद डाली थीं. अक्षर ने कहा कि यह ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम की वजह से नहीं, बल्कि अंगुली की चोट के कारण था, जो आईपीएल से पहले उन्हें परेशान कर रही थी.
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रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या भी ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम के खिलाफ बोल चुके हैं. यह नियम 2023 में लागू हुआ था और कम से कम 2027 तक लागू रहेगा.
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