कवि, शायर, गीतकार और प्यार में पगलाए लोग चांद के साथ अपने माशूक को कंपेयर करते रहे हैं. चांद में भी दाग है लेकिन चांद में दाग लगा कौन रहा है? इससे जुड़ा एक किस्सा सुनाते हैं. धरती से लॉन्च हुआ एक रॉकेट. स्पेस में कुछ-कुछ लेकर जा रहा था. जब काम पूरा हो गया तो जाकर चांद से टकरा गया. क्रैश कर गया हमारे पड़ोसी के प्लॉट पर. पूरा मैटर क्या है?
स्पेस में खतरनाक एक्सिडेंट, चांद से SpaceX रॉकेट की टक्कर, 12 फीट का गड्ढ़ा बन गया!
पिछले साल यानी 2025 की जनवरी में SpaceX का Falcon 9 रॉकेट लॉन्च हुआ. इसके साथ दो लैंडर चिपके थे जिन्हें चांद पर उतरना था. Falcon 9 की अपर स्टेज ने इन लैंडर्स को इतना बूस्ट दिया कि दोनों अपने रास्ते पर निकल लिए.

पिछले साल यानी 2025 की जनवरी में SpaceX का Falcon 9 रॉकेट लॉन्च हुआ. इसके साथ दो लैंडर चिपके थे जिन्हें चांद पर उतरना था. Falcon 9 की अपर स्टेज ने इन लैंडर्स को इतना बूस्ट दिया कि दोनों अपने रास्ते पर निकल लिए. अब ये अपर स्टेज फ्री हो गई.
तब से अब तक ये स्पेस में घूमती रही. धीरे-धीरे इसका ऑर्बिट बदल गया तो ये चांद की तरफ ही बढ़ गई. अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने डिटेल में बताया था कि अब क्या होने वाला है. चांद पर दो क्रेटर्स हैं Einstein और Bell. NASA के मुताबिक ये अपर स्टेज 5 अगस्त को इन्हीं दोनों के आसपास कहीं क्रैश होने वाली थी. खबर लिखे जाने तक रॉकेट क्रैश हो चुका है.
ऐसा बताया गया था कि 4000 किलो के इस रॉकेट की टक्कर से चांद पर 60 फीट चौड़ा और 12 फीट गहरा गड्ढा या क्रेटर बन सकता है. और इतनी भयानक टक्कर होगी तो चांद की सतह से भी धूल और चट्टानें उछलकर बाहर भी आएंगी.
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चांद पर इसका क्या असर होगा?असल में क्या हुआ है, ये कुछ वक्त बाद पता चल सकता है. इस टकराव को स्टडी करना ज़रूरी तो होगा, मगर ये इतनी बड़ी नहीं थी कि सीधा आंखों से या आम टेलिस्कोप्स से इसको देखा जा सके. NASA का Lunar Reconnaissance Orbiter और दूसरी तमाम एजेंसीज इसका विश्लेषण कर रही थी. जब उनके ऑब्जरवेशन सामने आएंगे तो उस डेटा को प्रोसेस किया जाएगा.
इन्हें पढ़ना इसलिए ज़रूरी होगा क्योंकि आगे कई मिशन कतार में हैं. पता होना चाहिए कि इंपैक्ट होने पर चांद की सतह पर क्या असर होता है.
वैसे ये पहली बार नहीं है कि चांद पर कुछ टकराया है. उल्कापिंडों यानी meteors वहां टपकते रहते हैं. हां, ये जरूर है कि ऐसे इस्तेमाल हो चुके रॉकेट्स के पार्ट्स वगैरह की अंतरिक्ष में मौजूदगी स्पेस डेब्रिस को लेकर चिंता पैदा करते हैं. ये बेसिकली हमारा फैलाया कचरा है, जो अंतरिक्ष में घूम रहा है. अभी तो ये चांद पर जाकर गिर जा रहा है जिससे धरती को या दूसरी सैटलाइट और स्पेसक्राफ्ट्स वगैरह को खतरा नहीं है.
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