नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने अपना आर्टेमिस II (Artemis 2) मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. यह मिशन 10 अप्रैल 2026 (भारतीय समयानुसार 11 अप्रैल की सुबह) को प्रशांत महासागर में अंतरिक्ष यात्रियों के सुरक्षित 'स्प्लैशडाउन' (समुद्र में उतरने) के साथ खत्म हुआ. इस मिशन के दौरान ओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी से 4,06,771 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचा, जो मनुष्यों द्वारा अंतरिक्ष में तय की गई अब तक की सबसे अधिक दूरी है.
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Artemis 2 Splash Down: इस मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी से 4,06,771 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचा, जो मनुष्यों द्वारा अंतरिक्ष में तय की गई अब तक की सबसे अधिक दूरी है. इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चांद पर नहीं उतरे, बल्कि चांद का चक्कर लगाया.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ओरियन स्पेसक्राफ्ट 11 अप्रैल की सुबह 5:37 बजे अमेरिका के सैन डिएगो के तट के पास समुद्र में उतरा. रिकवरी टीमें ओरियन स्पेसक्राफ्ट तक पहुंची और उन्हें ओरियन मॉड्यूल से बाहर निकाला. सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं. आर्टेमिस II के चारों क्रू सदस्य अब USS जॉन पी. मुर्था जहाज पर सवार हैं. यहां उनका मेडिकल चेकअप किया जा रहा है.
ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने पृथ्वी के वायुमंडल में 38,600 किमी/घंटा (मैक 33) की स्पीड से एंट्री की थी. यानी ध्वनि की गति से 33 गुना तेज. ऐसी रफ्तारें आखिरी बार 1960 और 1970 के दशक के अपोलो मिशंस के दौरान देखी गई थीं. वायुमंडल में आने पर जबरदस्त रगड़ होती है, जिसकी वजह से इसने 2,760 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सहा, जिसे इसके 'हीट शील्ड' ने सुरक्षित रूप से झेल लिया.
NASA ने एक एनिमेशन वीडियो जारी किया है, जिसमें आर्टेमिस II क्रू के प्रशांत महासागर में होने वाले 'स्प्लैशडाउन' की प्रक्रिया को दिखाया गया है.
इस क्रू में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर और मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल थे. यह मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास ले जाने वाला पहला मानव मिशन है. यह ऐतिहासिक मिशन कुल 9 दिन, 1 घंटा और 31 मिनट तक चला.

ट्रंप ने क्या कहा?
इस मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्टेमिस II के पूरे क्रू को बधाई दी. उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा,
"पूरी यात्रा शानदार रही, लैंडिंग बिल्कुल सटीक रही और अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, मुझे आप पर इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता! मैं जल्द ही आप सभी से वाइट हाउस में मिलने का इंतजार कर रहा हूं. हम इसे फिर से करेंगे और फिर अगला कदम मंगल ग्रह होगा."
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क्या है Artemis II मिशन?2 अप्रैल को स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट ‘ओरियन क्रू कैप्सूल’ में 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ था. फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्थित केनेडी स्पेस सेंटर इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना. इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर नहीं उतरे, बल्कि चांद का चक्कर लगाया. पृथ्वी के उपग्रह के चारों ओर की इनकी यात्रा आगे चलकर चांद पर उतरने और वहां एक बेस बनाने का रास्ता तैयार करेगी. अब नासा अपने अगले बड़े कदम, आर्टेमिस III की तैयारी करेगा, जिसका लक्ष्य 2027-2028 तक इंसानों को फिर से चंद्रमा की सतह पर उतारना है.
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