TMC नेता और फालता से पूर्व विधायक जहांगीर खान को बंगाल STF ने 8 जून को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के तीन दिन बाद यानी 11 जून को पुलिस उनको लेकर फालता पहुंची. लेकिन ये आमद बिल्कुल आम नहीं थी. पुलिस ने फालता की सड़कों पर जहांगीर खान की हाफ पैंट में परेड निकाल दी.
पुलिस ने TMC के जहांगीर खान की हाफ पैंट में परेड निकाली
TMC नेता और फालता से पूर्व विधायक जहांगीर खान को बंगाल पुलिस ने फालता की सड़कों पर हाफ पैंट में घुमाया. पुलिस ने पिछले दिनों ही जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था. फालता में हुए उपचुनाव के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. नेपाल के बॉर्डर से उनको अरेस्ट किया गया था.


फालता में हुए उपचुनाव के बाद से ही जहांगीर खान फरार चल रहे थे. बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पूर्व विधायक और TMC नेता को नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया था. जहांगीर खान के खिलाफ फालता थाने में जबरन वसूली, धमकी देने, राजनीतिक हिंसा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े सात से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे. इसके बाद से ही जहांगीर खान फरार थे. पुलिस उनकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी कर रही थी.
STF को जानकारी मिली थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर नेपाल भागने की कोशिश कर रहे हैं. इसी इनपुट के आधार पर एक्शन लेते हुए उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान किस-किस ने जहांगीर खान को संरक्षण दिया और किन ठिकानों पर वे छिपे हुए थे.
पुष्पा वाले बयान को लेकर सुर्खियों में रहे जहांगीर खान
फलता विधानसभा बंगाल चुनाव के दौरान भी सुर्खियों में थी. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक बना कर फलता भेजा था. उन्हें यूपी में 'सिंघम' के तौर पर जाना जाता है. अजय पाल शर्मा ने वोटिंग से पहले जहांगीर खान के घर जाकर उनके सहयोगियों को वोटर्स को धमकाने के खिलाफ चेतावनी दी थी.
एक चुनावी रैली में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जहांगीर खान ने कहा था, “अगर तुम (अजय पाल शर्मा) सिंघम हो, तो मैं पुष्पा हूं, पुष्पा झुकेगा नहीं.”
रीपोलिंग से नाम वापस ले लिया था
जहांगीर खान ने TMC के टिकट पर 2026 का विधानसभा चुनाव फालता सीट से लड़ा था. चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ियों के चलते यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग हुई थी. दोबारा चुनाव से 48 घंटे पहले ही जहांगीर ने चुनाव से अपना नाम वापस लेने की घोषणा की थी. लेकिन तब तक नाम वापस लेने की तारीख खत्म हो चुकी थी. इसलिए EVM पर TMC कैंडिडेट के तौर पर उनका नाम लिखा आया था. 24 मई को आए नतीजे में जहांगीर की हार हुई. बीजेपी उम्मीदवार ने 1 लाख 9 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
वीडियो: राजधानी: TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने वोटिंग से पहले क्यों छोड़ा फलता का चुनावी मैदान?



















