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बंगाल उपचुनाव में ड्रामा जारी, रेजीनगर से ममता के कैंडिडेट ने ना-ना करते किया चुनाव लड़ने का ऐलान

West Bengal के Nandigram और Rejinagar विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं. दोनों सीटों के TMC (ममता गुट) नेताओं ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. हालांकि, रेजीनगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार रबीउल आलन ने फिर से उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

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रबीउल आलम चौधरी रेजीनगर से ही उपचुनाव लड़ेंगे. (Courtesy- ITG)

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  • पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम ने नामांकन वापस लेने के बाद दोबारा चुनाव लड़ने की संभावना जताई है।
  • रबीउल आलम ने अपना नामांकन वापस लेने का फैसला पार्टी के कानूनी विवाद और अपने कार्यकर्ताओं की सुरक्षा चिंताओं के कारण ममता बनर्जी से सलाह लेने के बाद लिया था।
  • शेष कानूनी संघर्ष और कार्यकर्ता सुरक्षा मुद्दों के कारण उपचुनाव की रणनीतियों और उम्मीदवारों के निर्णय प्रभावित हो सकते हैं, चुनाव 6 अक्टूबर को निर्धारित है।

पश्चिम बंगाल के विधानसभा उपचुनाव में हाई वॉल्टेज ड्रामा जारी है. ममता बनर्जी के लिए ये उपचुनाव अस्तित्व बचाने की लड़ाई है. नंदीग्राम के बाद रेजीनगर विधानसभा सीट से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान किया था. हालांकि, कुछ ही घंटों में उनका इरादा बदल गया. उन्होंने शनिवार (19 सितंबर) को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वो दोबारा चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे.

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रबीउल ने किया चुनाव लड़ने का ऐलान

दरअसल, रबीउल आलम ने बताया था कि उन्होंने नामांकन वापस लेने का फैसला पूर्व मुख्यमंत्री और TMC नेता ममता बनर्जी से बात करने के बाद लिया था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आलम ने स्थानीय बेलडांगा पुलिस स्टेशन का दौरा किया था. उन्होंने सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी. पुलिस से मुलाकात के बाद उन्होंने अपने फैसले पर फिर से विचार करने की बात कही. 

हालांकि, 19 सितंबर को ही TMC नेता ने अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान किया था. लेकिन इसके कुछ ही घंटों के बाद उन्होंने इस पर फिर से विचार करने की बात कही.

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 रबीउल ने अपने इस फैसले के पीछे TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई को एक वजह बताया था. इसके अलावा, उन्होंने दावा किया था कि ममता गुट के कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है. रबीउल ने अपने बयान में कहा,

‘सबसे पहले तो हमें एक नए चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ना है. हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है, धमकाया जा रहा है और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है. हम उन्हें सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं. ऐसे में हम चुनाव कैसे लड़ सकते हैं?’

TMC नेता ने आगे कहा,

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‘इसी वजह से मैंने अपना नामांकन वापस लेने का फैसला लिया है. मैंने ममता बनर्जी से बात की है और उन्होंने मुझसे कहा है कि जो सबके लिए अच्छा हो, वही करूं.’

TMC उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया  

रबीउल के चुनाव से ठीक पहले नामांकन वापस लेने को ममता बनर्जी के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा था. एक दिन पहले ही यानी शुक्रवार, 18 सितंबर को नंदीग्राम से TMC की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. नामांकन वापस लेने से पहले संचिता ने सूबे के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी.

रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने वाले हैं. चुनाव आयोग ने ममता के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया है. टीएमसी के दूसरे धड़े को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ का नाम दिया गया है. 

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