भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय उर्फ अनंत महाराज ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस मामले पर शुक्रवार, 14 अगस्त को अनंत महाराज ने एक माफीनामा वीडियो जारी किया है. दरअसल, राज्यसभा सांसद ने सुभाष चंद्र बोस को कथित तौर पर ‘युद्ध अपराधी’ बताया था. विवाद बढ़ने के बाद राज्य की सत्ताधारी BJP सरकार ने रॉय के दिए राज्य के सबसे बड़े पुरस्कार ‘बंगा विभूषण’ भी वापस ले लिया.
नेताजी पर 'विवादित बोल', शुभेंदु सरकार ने BJP सांसद से ममता का दिया बंग विभूषण छीन लिया
BJP से राज्यसभा सांसद Nagendra Roy उर्फ Ananta Maharaj ने Subhash Chandra Bose पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है.

The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा सांसद का बयान ऐसे समय पर आया, जब पश्चिम बंगाल सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नेताजी के लिए किए अपमान भरे पोस्ट्स को शेयर करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करना शुरू किया. साथ ही अब तक कम से कम 5 लोगों की गिरफ्तारी भी की गई. राज्यसभा सांसद ने वीडियो में कहा,
मैं नेताजी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए ये कह रहा हूं कि अगर नेताजी के खिलाफ मेरी अनुचित टिप्पणियों से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं इसके लिए गहरा खेद प्रकट करता हूं.
गुरुवार, 13 अगस्त को राज्य सरकार ने नागेंद्र रॉय को दिया गया राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंग विभूषण’ भी वापस ले लिया. ये सम्मान सांसद को तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने इसी साल फरवरी में दिया था. मामले पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि नेताजी पर टिप्पणी के मामले में 6 FIR दर्ज की गई हैं.
5 लोग गिरफ्तारमुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आगे बताया कि अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. शुभेंदु अधिकारी ने इस बात पर ‘संतुष्टि’ जाहिर की राज्यसभा सांसद ने अपनी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली है. साथ ही लोगों से कहा कि उन्हें सांसद की उम्र का ध्यान रखना चाहिए. शुभेंदु ने अपनी स्पीच में कहा,
वो एक वरिष्ठ नागरिक है और उन्होंने अपनी टिप्पणियां वापस ले ली हैं. मैं इसे एक पॉजिटिव पहल मानता हूं. लेकिन मैं इस बात को दोहराना होगी कि उन्होंने अनुचित टिप्पणी की थी. TMC सरकार ने ही अनंत महाराज को ‘बंगा विभूषण’ से सम्मानित किया था. हमने इसे उनसे वापस ले लिया है.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया से करीब 283 पोस्ट हटाए गए. इसके इतर कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के समर्थकों ने रैलियां निकालीं. इनमें नेताजी के बारे की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए BJP को जिम्मेदार बताया.
दरअसल, कुछ रोज पहले अनंत महाराज ने कथित तौर सुभाष चंद्र बोस को ‘युद्ध अपराधी’ कहा था. साथ ही उनके लीडरशिप पर भी सवाल खड़ा कर दिया था. यहां तक की आजादी की लड़ाई में ‘हिंद फौज’ की भूमिका पर शक जताया था.
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