कहते हैं कि इतिहास अपने आप को दोहराता है. खासकर राजनीति को देखें तो अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो किसी पुराने किस्से की याद दिला देती हैं. ऐसा ही कुछ हो रहा है तमिलनाडु की राजनीति में. यहां एक्टर और नेता विजय की नई नवेली पार्टी नें चुनाव में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया. फिर भी उनके सरकार बनाने में खींचतान चलती रही. हालांकि, सब सेटल हो गया है और विजय ने बहुमत के लिए नंबर भी जुटा लिए हैं. लेकिन, नंबर के इस खेल में एक ऐसा समय भी था जब दो विधायकों वाली पार्टी के एक नेता के सीएम बनने की चर्चा चलने लगी थी.
‘एक विधायक वाला नेता ही सरकार’, प्रमोद महाजन की 29 साल पुरानी स्पीच क्यों वायरल है
विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. लेकिन इस बीच इंटरनेट यूजर्स को 1997 की एक स्पीच याद आ गई. ये स्पीच दिवंगत बीजेपी लीडर प्रमोद महाजन की है. इसमें वो डेमोक्रेसी कैसे काम करती है, इस बारे में बता रहे हैं.


सूत्रों के अनुसार, विजय को बहुमत का आंकड़ा न मिलने की स्थिति में ऐसी खबरें चल रही थीं कि एआईएडीएमके औक डीएमके गठबंधन करके वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन को मुख्यमंत्री बनाने वाली हैं. हालांकि, एआईएडीएमके ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया. पार्टी ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव कभी उनके सामने नहीं आया था. इस खबर की सच्चाई जो भी रही हो लेकिन इस बीच इंटरनेट यूजर्स को 1997 की संसद में दी गई एक स्पीच याद आ गई. ये स्पीच दिवंगत बीजेपी लीडर प्रमोद महाजन की है. इसमें वो डेमोक्रेसी कैसे काम करती है, इस बारे में बता रहे हैं.
बात 11 मार्च 1997 की है. संसद का सत्र चल रहा था और विश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही थी. इसी दौरान भाजपा सांसद प्रमोद महाजन का भाषण शुरू हुआ. इस दिन प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की संयुक्त मोर्चा सरकार के अस्तित्व पर चर्चा हो रही थी.
प्रमोद महाजन ने अपने भाषण में रमाकांत खलप के नेतृत्व में एक भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की चीन यात्रा को याद करते हुए शुरुआत की. वह कहते हैं कि जब वो चीन गए तो वहां उनके किसी नेता नें पूछा कि 'आपकी डेमोक्रेसी कैसे चलती है? इस पर रमाकांत खलप ने प्रमोद महाजन से कहा कि जरा इन्हें बताइए कि हमारी डेमोक्रेसी कैसी चलती है? इसके बाद प्रमोद महाजन ने जो कहा, उस पर संसद में तो ठहाके लगे ही. आज 29 साल बाद यानी 2026 में भी सोशल मीडिया पर वो स्पीच वायरल हो रही है. इसमें प्रमोद महाजन कहते हैं,
मैंने चीन के सांसद से कहा कि मैं सिर्फ परिचय करवाता हूं. आप डेमोक्रेसी समझ जाओगे. मैंने कहा कि मेरा नाम प्रमोद महाजन है. मैं लोकसभा का मेंबर हूं. मैं सबसे बड़े दल से ताल्लुक रखता हूं और हम विपक्ष में हैं. मेरे इतना बोलते ही वो व्यक्ति हमको देखने लगा और बोला, आप विपक्ष में हैं? मैंने कहा हां.
फिर हमने पाणिग्रही साहब की ओर हाथ कर कहा कि ये दूसरी सबसे बड़ी पार्टी से हैं. लेकिन ये सरकार से बाहर होकर भी सरकार को सपोर्ट कर रहे हैं. फिर हमने देवी साहब को उठा दिया. मैंने कहा, ये तीसरी सबसे बड़ी पार्टी से हैं. ये फ्रंट में हैं लेकिन सरकार में नहीं हैं. फिर मैंने रमाकांत खलप जी की ओर हाथ किया. मैंने कहा, ये मिस्टर रमाकांत खलप हैं. ये अपनी पार्टी के इकलौते मेंबर हैं और यही गवर्नमेंट हैं.
प्रमोद महाजन की इस स्पीच के बाद संसद ठहकों और तालियों से गूंज उठा.
तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में सीटों के मामले में सबसे बड़ी पार्टी विजय की TVK को सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि, अब विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन है और समर्थन का पत्र सौंपने के बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित भी कर दिया है. विजय रविवार, 10 मई को शपथ ले सकते हैं.
वीडियो: आसान भाषा में: विजय से पहले ये सुपरस्टार बने मुख्यमंत्री?





















