भारत में अप्रैल के आखिरी में हज यात्रियों के लिए हवाई किराए में 10 हजार रुपये बढ़ाने का ऐलान किया गया था. साथ ही 'हज कमेटी ऑफ इंडिया' ने यात्रियों के लिए एक GPS स्मार्टवॉच की सुविधा दी, जिसके लिए कमेटी ने प्रति हज यात्री 7 हजार रुपये काट लिए. अब ये GPS स्मार्टवॉच विवादों में घिर गई है. कुछ हज यात्रियों ने दावा किया कि उनकी स्मार्टवॉच अच्छे से काम नहीं करती है.
हज यात्रियों से 7 हजार लेकर जो GPS वॉच दी, वो काम ही नहीं कर रही! रिपोर्ट में दावा
स्मार्टवॉच से जुड़ी यह समस्या उस समय सामने आई, जब अप्रैल के आखिरी में हज यात्रियों की किराए को बढ़ा दिया था. इसके बाद हज से जुड़े खर्चों की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई थी.


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हज कमेटी ऑफ इंडिया ने दिल्ली की Sekyo Innovations नाम की एक कंपनी से GPS वाली स्मार्टवॉच को खरीदी. इसे सभी भारतीय हज यात्रियों के लिए अनिवार्य कर दिया था. यात्रा के दौरान इस वॉच को अपने साथ रखने की भी हिदायत दी गई लेकिन अब कई यात्री इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि उनको मिली स्मार्टवॉच सही से काम नहीं करती है. GPS सुविधा से लैश ये स्मार्टवॉच 1.2 लाख से ज्यादा हज यात्रियों को दी गई थी.
कई यात्रियों ने बताया कि स्मार्ट वॉच सही से चालू ही नहीं होती. घड़ी की बैटरी भी जल्दी खत्म हो जाती है. साथ ही वे सही ढंग से ट्रैक भी नहीं कर पाती हैं. अब कमेटी के इस कदम की जमकर आलोचना हो रही है क्योंकि, यात्रियों को हज यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 4 लाख रुपये खर्च करना पड़ता है. 10 हजार किराया बढ़ जाने के बाद स्मार्टवॉच की गड़बड़ी का मुद्दा विवाद में बदल गया है. पुरानी दिल्ली के एक हाजी उस्मान अंसारी ने कहा,
उन्होंने हमें बताया था कि यह घड़ी सऊदी अरब में एक्टिवेट हो जाएगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को इसे चलाना ही नहीं आता. करीब 70% लोग तो इसे ऑन भी नहीं कर पाए हैं. क्योंकि वॉच में कुछ अपडेट करना जरूरी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, हज कमेटी ने प्रत्येक यात्री के हज डिपॉजिट से GPS स्मार्टवॉच के लिए 7 हजार रुपये काटे थे. यह रकम हज के आम पैकेज का ही हिस्सा थी. इसमें रहने-खाने और आने-जाने का सारा खर्च शामिल होता है. दिल्ली राज्य हज कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, GPS स्मार्टवॉच को पासपोर्ट स्टिकर, सामान के टैग, बोर्डिंग पास और ID कार्ड जैसे सामानों के साथ शामिल किया गया था.
स्मार्टवॉच देने की यह पहल यात्रियों के सुरक्षा के लिहाज से शुरू की गई थी. ऐसा इसलिए क्योंकि, हज यात्रा के दौरान काफी भीड़ होती है. ऐसे में अपने लोगों की सुरक्षा और भीड़ से अलग होने पर उनकी पहचान कर लेने के लिहाज से शुरू किया गया है.
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