राज्यसभा और विधान परिषद के चुनाव भी निराले होते हैं. इनमें सीधे विधायकों के रहमोकरम, माने मतदान से सदस्य चुने जाते हैं. इसलिए राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने विधायकों को साधने में जुटी रहती हैं कि क्रॉस-वोटिगं ना हो जाए. मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस अपने विधायकों को प्लेन में बैठा चुकी थी, लेकिन खबर आई कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने उसकी राज्यसभा कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन का पर्चा रद्द कर दिया. पर्चा रद्द होने के बाद नटराजन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए षडयंत्र के तहत उनका नॉमिनेशन कैंसिल कराने की साजिश रची है.
राज्यसभा का पर्चा रद्द होने पर बोलीं मीनाक्षी नटराजन- 'वोट चोरी के बाद अब सीट चोरी कर रहे हैं'
चुनाव आयोग (ECI) ने मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा का नामांकन खारिज कर दिया है. यह कार्रवाई BJP उम्मीदवार महेश केवट और Madhya Pradesh के BJP महासचिव राहुल कोठारी की शिकायत पर हुई है. कांग्रेस नेता ने इसे सीट चोरी की कोशिश बताया.


मध्यप्रदेश से तीन राज्यसभा सांसद चुने जाने हैं. नंबर गेम के लिहाज से BJP की दो सीट पक्की हैं, बस एक पर पेंच फंसा है. कांग्रेस ने इस एक सीट को जीतने के इरादे से मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था. वहीं, BJP ने इस सीट के लिए अपने तीसरे कैंडिडेंट महेश केवट को खड़ा कर दिया. तीसरी सीट पर मुकाबला मीनाक्षी और महेश के बीच था. लेकिन, आपराधिक मामले की जानकारी ना देने के आरोप में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन ही खारिज हो गया.
मीनाक्षी नटराजन क्या बोलीं?पर्चा रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने इंडिया टुडे से जुड़े रवीश पाल सिंह से बात की. उन्होंने कहा कि विधायकों की संख्या पूरी ना होने के बावजूद BJP ने तीसरा कैंडिडेंट उतारा, जो उनकी राजनीतिक ईमानदारी की हालत को उजागर करता है. कांग्रेस की सीनियर नेता ने कहा,
"हमारे विधायक एकजुट थे, तो उन्होंने उसको (विधायकों के नंबर) पूरा करने के लिए एक बिल्कुल फर्जी बात पेश की. एक लीगल नोटिस, जिसका अभी तक कोर्ट ने संज्ञान नहीं लिया है. ये प्री-कॉग्निजेंस स्टेज में था. कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ. कोई केस नहीं है. तो उन्होंने इसे आधार बनाया. बाद में जब उन्होंने फाइनल ऑर्डर दिए, तो उसमें हमारे वकीलों की दलीलका कोई जिक्र तक नहीं था."
नीचे वो लीगल नोटिस है, जो मीनाक्षी नटराजन को भेजा गया था. आरोप है कि नामांकन के दौरान इसी नोटिस की जानकारी छिपाई गई थी.

मीनाक्षी नटराजन ने आगे कहा,
BJP ने शिकायत की थी"इससे यह बिल्कुल साफ हो जाता है कि इसके पीछे क्या मंशा थी और यह फैसला कैसे लिया गया. यह कोई ऐसी कानूनी लड़ाई नहीं थी जिसे हम हारे, बल्कि यह राजनीतिक इच्छाशक्ति के खिलाफ हारी हुई लड़ाई थी. यह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है, जो वोट चोरी से चालू हुई और अब सीट चोरी तक पहुंच गई है. ये उसका साफ प्रमाण है."
9 जून को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने तेलंगाना में अदालत के एक मामले की जानकारी ना देने के आरोप में मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा का नामांकन खारिज कर दिया. यह कार्रवाई तीसरी सीट के लिए BJP उम्मीदवार महेश केवट और राज्य पार्टी महासचिव राहुल कोठारी की ओर से जताई गई आपत्ति पर की गई.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चुनाव आयोग के मीनाक्षी नटराजन का पर्चा रद्द करने के फैसले को सही ठहराया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी ने अपराध से जुड़ी जानकारी को छिपाया था. कानूनन उन्हें इसका जिक्र करना था. सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि चुनाव अधिकारी ने कानून के मुताबिक फैसला किया है. उन्होंने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह दी. मध्यप्रदेश में राज्यसभा के लिए 18 जून को वोटिंग होगी.
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