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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष ने भी लिया 'क्रेडिट'! खरगे से केजरीवाल तक कौन-क्या बोला?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्षी पार्टी के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी,, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले और राजद सांसद मनोज कुमार झा ने इसे छात्र और आंदोलनकारियों की जीत बताई है.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष ने प्रतिक्रिया दी है. (इंडिया टुडे)

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  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के विरोध और विपक्ष के दबाव के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे शिक्षा मंत्रालय में परिवर्तन की संभावना पैदा हुई है।
  • प्रधानमंत्री मोदी सरकार द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज और NEET परीक्षा की विवादित स्थिति के कारण व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जो इस्तीफे का प्रमुख कारण बने।
  • इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने इसे युवाओं की जीत बताया है और अब शिक्षा नीति में सुधार और पेपर लीक पर गंभीर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने इस इस्तीफे को ‘साझा विपक्ष की जीत’ बताया है. 

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‘साझा विपक्ष की जीत’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी से ‘युवाओं से माफी मांगने’ और ‘लाठी चार्ज करने वाले पुलिस वालों पर एक्शन लेने’ की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  

भारत के ‘छात्रों की गूंज’ आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुंच गई. ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज़ उठाई. ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है. ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है. ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज़ उठाई. अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफ़ी मांगने की और जिन्होंने उनपर लाठी-डंडे-Pellet Guns चलवाई है, उनपर कठोर कार्यवाही करने की.

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एक्स
प्रियंका गांधी ने बताया देश के युवाओं की जीत

कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलन कर रहे युवाओं की जीत बताई है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 

ये देश के युवाओंं की जीत है. इस जीत पर आंदोलन कर रहे छात्रों को बधाई. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से खुशी है. ये सरकार के लिए सबक है. देश तानाशाही से नहीं चलेगी. युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती. 

जेन जी ने दिखाई ताकत

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी ने विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को झुका दिया है. उन्होंने कहा, 

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जेन जी ने ताकत दिखाई है. युवाओं के आगे सरकार झुक गई है. नई पीढ़ी की ये बड़ी जीत है. विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को उन्होंने झुका दिया है. सभी दलों को इस आंदोलन से सबक लेना चाहिए. बीजेपी नकारात्मक राजनीति पर पैसे खर्च करती है. शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को सोचना होगा. अब पेपर लीक न हो, इसके लिए सबक ले सरकार. युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खोलने होगें.

इस्तीफा जेन जी की जीत: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देश के युवाओं और जेन जी को बधाई दी है. उन्होंने लिखा, 

आप सबको बहुत बहुत बहुत बधाई. हमारे देश के युवाओं को, जेन जी को बहुत बधाई. बहुत खुशी की बात है आप लोगों का संघर्ष रंग लाया. धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा. ये पूरी डेमोक्रेसी की बहुत बड़ी जीत है. हमारे देश में लोगों का जनतंत्र से भरोसा ही उठ गया था. लोगों को लगने लगा था कि सरकारें सुन ही नहीं रही हैं. जनता सरकारों के सामने चिल्लाती रहती थी, गिड़गिड़ाती रहती थी. हर चीज के लिए हम सरकार के सामने हाथ जोड़ते रहते थे, पैर पकड़ते रहते थे. सरकारें कभी सुनती नहीं थीं. इतना बड़ा संघर्ष हुआ और आखिरकार सरकार के अहंकार को जनता के सामने झुकना पड़ा. ये बहुत बड़ी जीत है, पूरी जनतंत्र की. सरकार को भी अब समझ लेनी चाहिए कि आपको जनता की सुननी पड़ेगी. मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी कि आगे से नीट का पेपर लीक नहीं हो.

पी चिंदंरम और पवन खेड़ा की प्रतिक्रिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिंदंबरम और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है. पी चिंदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  

मुझे अभी-अभी खबर मिली है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है. मैं इस इस्तीफ़े का स्वागत करता हूं. मुझे उम्मीद है कि इससे स्थिति शांत होगी और संसद और उसके बाहर बुनियादी मुद्दों पर चर्चा का रास्ता खुलेगा.

राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लिखा, 

देर से ही सही, पर आखिरकार इनसे छुटकारा मिल ही गया. भारत के लोगों को बहुत-बहुत बधाई. 

'मोदी सरकार की हठधर्मिता की पहली हार'

राज्यसभा सांसद और राजद नेता मनोज कुमार झा ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार के हठधर्मिता की पहली शिकस्त है. राजद नेता ने कहा, 

आज धर्मेंद्र प्रधान जी का जो इस्तीफा है. हठधर्मिता और अहंकार का जो पूरा आवरण लेकर मोदी जी का मंत्रिमंडल चल रहा था, उसको पहली शिकस्त मिली है. शिकस्त युवाओं की जोश की वजह से, उनके सवालों की वजह से. लोकतंत्र में जो जवाबदेही का एक प्रतिमान था, जिसको ये लोग (मोदी सरकार) खत्म कर रहे थे. मैं समझता हूं छात्र युवाओं ने ये हासिल किया. पूरी की पूरी प्रक्रिया यहां खत्म नहीं होती. एक बेहतर और उत्तरदायित्व से भरे सिस्टम का निर्माण हो. और इस तरह के सवाल जब पूछे जाए तो उनको एंटी नेशनल नहीं कहा जाए. देश से मोहब्बत थी, इसलिए अलग-अलग शहरों में लोग आवाज उठाते रहे. आगे लड़ाई और भी है. जिंदाबाद.

एनसीपी शरद पवार गुट की नेता और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों को बधाई दी है. साथ ही उन्होंने नीट मुद्दे पर डिटेल में चर्चा की मांग भी की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्ष के लगातार दबाव के बाद ही आया है. मैं #NEETUG मुद्दे पर डटे रहने वाले हर प्रदर्शनकारी को बधाई देता हूं. लेकिन यह अंत नहीं हो सकता, हम असल जवाबदेही, व्यापक शैक्षिक सुधार और संसद में NEET मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हैं.

इन नेताओं के अलावा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है. संजय सिंह ने इस छात्र और युवा शक्ति की जीत बताया है, वहीं राजीव शुक्ला ने इसे युवाओं और विपक्ष की एकता की जीत बताई है, जबकि कपिल सिब्बल ने इस्तीफा मांगने के प्रयास में छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज और उन पर चलाए गए आंसू गैस के गोलों और पैलेट गन की याद दिलाई है. 

वीडियो: नेतानगरी: मोदी सरकार के 12 सालों का सबसे बड़ा इम्तिहान! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से ही थमेगा छात्रों का गुस्सा?

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