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ममता बनर्जी बागी नेताओं पर गरजीं- 'हिम्मत है तो BJP जॉइन करो, जब MP-MLA थे तब कुछ याद नहीं आया?'

Mamata Banerjee on rebel group: ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी नेताओं को खूब सुनाया है. उन्होंने कहा कि जब चुनाव लड़ना था तब टिकट ले गए और अब पार्टी से ही बगावत कर ली. उन्होंने बागी नेताओं को खुलकर BJP जॉइन करने का चैलेंज दिया है.

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ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर निशाना साधा. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • ममता बनर्जी ने टीएमसी के बागी नेताओं को चुनौती दी कि वे खुलकर सामने आएं और बीजेपी में शामिल हों, साथ ही उन पर गद्दारी और एहसान फरामी का आरोप लगाया।
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के 58 बागी विधायकों ने पार्टी से अलग होकर विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी को अपना नेता चुना, जिससे पार्टी में इस्तीफों का दौर शुरू हुआ।
  • ममता बनर्जी ने शहीद दिवस का जुलूस निकालने की योजना बनाई है, हालांकि पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है, फिर भी रैली आयोजित करने की उनकी जानकारी है।

तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के बागी नेताओं पर निशाना साधा है. पार्टी में चल रहे बड़े उलटफेर के बीच ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बागी नेताओं को चैलेंज देते हुए कहा, ‘अगर हिम्मत है तो खुलकर सामने आओ और बीजेपी जॉइन कर लो.’ टीएमसी नेताओं के लगातार बागी होने पर ममता की तरफ से यह तल्ख टिप्पणी आई है.

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ममता बनर्जी ने अपने वीडियो मैसेज में कहा, 

‘मैं उन सभी गद्दारों और एहसान फरामोश लोगों को चेतावनी देती हूं, जो बीजेपी की पनाह में पल रहे हैं, कि वो सामने आएं और बीजेपी जॉइन करें. ये बीजेपी स्पॉन्सर्ड गेम खेलने से बेहतर होगा… आप खुद को बागी कहते हैं? चुनाव से पहले आप कहां थे? 15 साल तक जब आप पार्टी के टिकट पर सांसद और विधायक रहे तब क्यों याद नहीं आया? तब ये शिकायतें कहां थीं?’ 

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ममता का कहर बरपा

ममता बनर्जी अपने वीडियो मैसेज में बागियों पर कहर बरपाती नजर आईं. उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि कुछ नेता ये तोहमत लगा रहे हैं कि पार्टी 2023 के बाद से ठंडी पड़ी थी. लेकिन शायद वे भूल गए हैं कि मेरे हस्ताक्षर के बाद ही वो चुनाव लड़ पाए हैं. ममता ने सख्त लहजे में कहा, ‘धोखा देने की भी हद होती है.’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद जून में TMC के 58 बागी विधायकों ने ऋतब्रता बनर्जी को अपना नेता चुन लिया. इसके बाद उन्हें विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया. बाद में पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लग गई. TMC के कई राज्यसभा सांसदों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

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फिर TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने भी पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) जॉइन कर ली. इस धड़े ने मोदी सरकार को अपना समर्थन दिया. इसी कड़ी में अब ममता की एक और करीबी नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. इसी के बाद पार्टी सुप्रीमो का तीखा बयान आया है. 

ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने जिसे प्रदेश की कमान सौंपी, वह भी बागियों से जा मिली, दे दिया इस्तीफा

'वफादार नेता ही पूंजी हैं'

ममता बनर्जी ने पार्टी के बचे हुए वफादारों की पीठ थपथपाई. उन्होंने कहा कि जो लोग रह गए हैं वो पार्टी के लिए पूंजी की तरह हैं. लोग अगर किसी संस्था से निकल भी जाएं तो संस्था बंद नहीं हो जाती. ठीक उसी तरह TMC भी चलती रहेगी. उन्होंने पार्टी सिंबल को लेकर चल रही अफवाहों का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का चुनाव चिह्न उनसे छिन भी गया फिर भी उनकी आवाज़ बुलंद रहेगी. 

पार्टी के हेडक्वार्टर को लेकर भी विवाद चल रहा है. बागी गुट उस पर अपना कब्ज़ा चाहते हैं. लेकिन इसपर ममता बनर्जी ने कहा कि ये TMC की प्रॉपर्टी है, इसे कोई लूट नहीं सकता. उन्होंने बताया कि उस बिल्डिंग का रेंट एग्रीमेंट अक्टूबर 2027 को ख़त्म हो रहा है. यानी तब तक उस प्रॉपर्टी के इस्तेमाल पर उनका ही हक़ है.

ममता बनर्जी ने आखिर में कहा कि वो 21 जुलाई को शहीद दिवस का जुलूस निकालेंगी. ममता ने कहा कि पुलिस इसकी परमिशन नहीं दे रही है, फिर भी हर साल की तरह इस साल भी वो रैली करेंगी. 

वीडियो: पार्टी में फूट के बाद ममता बनर्जी को हाईकोर्ट से झटका

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