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ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा अचानक टला, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बीच लिया फैसला

दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi समेत कई विपक्षी सांसद CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. सांसदों ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को राजधानी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस बीच ज्ञानेश कुमार के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर बड़ी खबर सामने आई.

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CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल-प्रियंका समेत कई विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. (Courtesy-ITG)

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  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ का दो दिवसीय दौरा अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया, जो 7 और 8 अक्टूबर को होने वाला था।
  • ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और मुंबई में विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रदर्शन और आंदोलन किए, जिससे चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ा।
  • छत्तीसगढ़ दौरे के रद्द होने के बाद विपक्ष ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर देशव्यापी प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसमें छात्र संगठन और जनता पार्टी भाग लेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए, 6 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्ष ने मेगा प्रोटेस्ट किया. सुबह से शुरू हुआ प्रोटेस्ट देर तक रहा चला. नेता विपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया फिर छोड़ा गया, फिर हिरासत में लिया गया और फिर छोड़ा गया. इन सारे बवाल के सेंटर में सिर्फ एक शख्स और एक एजेंसी है. CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर हो रहे हंगामे के बीच एक और अपडेट आया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के सीनियर अफसरों ने अपना छत्तीसगढ़ दौरा रद्द कर दिया है. ये दो दिन का दौरा था. जो 7 और 8 अक्टूबर को होने वाला था. इसे लेकर 6 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक लेटर जारी हुआ था, जिसमें CEC ज्ञानेश कुमार के दौरे के बारे में जानकारी थी. और उन्हें राज्य अतिथि घोषित किया गया था. साथ ही दौरे को लेकर जरूरी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए गए थे.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ऑफिस के लेटर में बताया गया कि CEC ज्ञानेश कुमार और आयोग के अन्य सीनियर अधिकारिों  का छत्तीसगढ़ दौरा अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है. लेटर के मुताबिक, दौरे की नई तारीख चुनाव आयोग से प्राप्त होने के बाद अलग से साझा की जाएगी. इलेक्शन कमीशन ने ये तो नहीं बताया कि ये दौरा क्यों कैंसिल हुआ लेकिन बीते एक हफ्ते में जितना कुछ घटा है, उससे इस दौरे के कैंसिल होने के पीछे कहानी समझ आती है. सबसे पहली तारीख 2 अक्टूबर 2026-  इस दिन दिल्ली में AAP, AISA और कुछ सोशल एक्टिविस्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. इस मार्च के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया. दिल्ली के अलावा मुंबई में CJP ने अभिजीत दिपके की अगुवाई में इसी मुद्दे पर एक प्रोटेस्ट रखा.

इस वजह से छत्तीसगढ़ नहीं जा रहे ज्ञानेश कुमार!

3 अक्टूबर 2026 - कई सामाजिक कार्यकर्ता फिर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचने के लिए आगे बढ़े. पर पुलिस ने उन्हें केरल हाउस के पास दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया था. उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी पर कोहनी मारने और नाखून से चोट पहुंचाने का आरोप लगाया था. इसी दिन दो महिला पत्रकार ने दिल्ली पुलिस पर यौन हमले का आरोप लगाया.

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4 अक्टूबर 2026 - जतंर-मतंर पर प्रदर्शन जारी रहा. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली निजी गाड़ी में उठाया और कई घंटों तक उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई. बाद में उन्हें नरेला से रिहा किया गया.

5 अक्टूबर 2026 - सुप्रीम कोर्ट में जब चुनाव आयोग के फॉर्म-6 में बदलाव का मामला उठा, तो चीफ जस्टिस सूर्याकांत की तीन-सदस्यीय पीठ ने साफ किया कि “फॉर्म-6 में कोई भी बदलाव सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नहीं किया गया है,” जबकि चुनाव आयोग ने अपने पहले के प्रेस नोट में कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया था. कांग्रेस ने इसे लेकर चुनाव आयोग पर जनता को गुमराह करने का आरोप.

6 अक्टूबर 2026 - INDIA गठबंधन के 19 दलों के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग ऑफिस  की तरफ 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' शुरू किया. दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को आकाशवाणी भवन के बाहर ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया. जिसके बाद विपक्षी नेता करीब 9 घंटे तक वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए. राहुल गांधी ने कहा कि वे केवल चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं. जिस पर चुनाव आयोग का बयान भी आया. आयोग ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए कोई समय नहीं मांगा था. 

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बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस किंग्सवे कैंप लेकर गई. इसके कुछ देर के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया गया. इसके बाद राहुल-प्रियंका अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए.

AAP का कब प्रोटेस्ट?

6 अक्टूबर को विपक्ष के प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हुई आम आदमी पार्टी आज 7 अक्टूबर को प्रोटेस्ट में शामिल होगी. सौरभ भारद्वाज और AAP के अन्य नेता, कांग्रेस, वामपंथी दलों और दिल्ली की अन्य पार्टियों के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा होंगे. 

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अब 10 अक्टूबर को छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर दोबारा एक विशाल देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है. अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और दिल्ली पुलिस उनके कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजकर दिल्ली न आने का दबाव बना रही है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन को क्यों बनाया धरना केंद्र?

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