लोकसभा में संविधान संशोधन बिल गिरने के एक दिन बाद 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी समेत विपक्षी दलों को जमकर कोसा. अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जयराम रमेश और मनीष तिवारी ने पीएम मोदी के भाषण को लेकर हमला बोला है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि ‘अपने पूरे भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस को निशाना बनाया. यह दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्राथमिकता महिलाएं नहीं है, बल्कि कांग्रेस है.’
'कांग्रेस का 59 बार जिक्र किया, महिलाओं का मुश्किल से कुछ ही बार,' PM मोदी के 'भ्रूण हत्या' वाले भाषण पर बरसे खरगे
Congress अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया है कि ‘अपने पूरे भाषण के दौरान PM Narendra Modi ने कांग्रेस को निशाना बनाया. यह दिखाता है कि BJP की प्राथमिकता महिलाएं नहीं है, बल्कि कांग्रेस है.’ उन्होंने और क्या कहा?


देश के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) जैसी विपक्षी पार्टियों को ‘स्वार्थी’ बताते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकार छीनकर ये लोग संसद में मेज थपथपा रहे थे. पीएम मोदी ने हाथ जोड़े और कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन को वो पास नहीं करा पाए. इसलिए सभी माताओं और बहनों से वो क्षमा मांगते हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों की ‘भ्रूण हत्या’ करने का भी आरोप लगाया.
खरगे ने क्या कहा?कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रीय मंच का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा,
“हताश और निराश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिनके पास पिछले 12 सालों से दिखाने के लिए कुछ भी काम का नहीं है, उन्होंने देश के नाम एक आधिकारिक भाषण को कीचड़ उछालने और सरासर झूठ से भरे राजनीतिक भाषण में बदल दिया.”
खरगे ने आगे कहा,
“मोदी जी ने कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया, जबकि महिलाओं का जिक्र बमुश्किल कुछ ही बार किया. इससे देश को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सब कुछ पता चलता है. BJP की प्राथमिकता महिलाएं नहीं हैं. कांग्रेस है.”
उन्होंने यह भी कहा कि इस संबोधन में महिला आरक्षण बिल की नाकामी के बारे में बताने के बजाय विपक्षी पार्टियों पर हमला करने पर ज्यादा जोर दिया गया. खरगे ने संसदीय कार्यवाही का भी जिक्र किया और कहा कि लाखों महिलाएं इस बहस को बहुत बारीकी से देख रही थीं. उन्होंने कहा कि महिलाएं अपना अपमान कभी नहीं भूलतीं.
जयराम रमेश ने क्या कहा?कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री की स्पीच को ‘कांग्रेस को कोसने वाला भाषण’ बताया. उन्होंने कहा,
“किसी मौजूदा प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन उस पद की गरिमा से जुड़ा होता है. लेकिन आज का भाषण बेहद निराशाजनक और पूरी तरह से पक्षपात से भरा भाषण था. यह राष्ट्र के नाम संबोधन की बजाय एक ‘निराशा से भरा संबोधन’ ज्यादा लगा. इसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में देना ज्यादा ठीक होता. लेकिन कल रात लोकसभा में मिली करारी हार से विचलित प्रधानमंत्री में अब भी मीडिया का सामना करने की हिम्मत नहीं है.”
जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस ब्रॉडकास्ट का इस्तेमाल विपक्षी पार्टियों को टारगेट करने के लिए किया. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने की कोशिश कर रही थी, जो एक गुमराह करने वाला कदम था.
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चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन का इस्तेमाल विपक्ष पर तीखा हमला करने के लिए किया. उन्होंने आरोप लगाया,
“सरकार ने खुद एक परिसीमन बिल पेश किया था, जिसे उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण की एक दिखावटी पहल के रूप में छिपाकर पेश किया था.”

पक्ष और विपक्ष में यह टकराव लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल के पास न हो पाने के बाद सामने आया है. इस बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन काफी बहस के बावजूद यह पारित नहीं हो सका. इसके समर्थन में मोदी सरकार दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई.
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