जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 चर्चा में है. वजह है बीजेपी का टिकट बंटवारा. आम तौर पर पार्टी मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट देने से परहेज करती है. लेकिन निकाय चुनाव में मुस्लिम समुदाय के आठ लोगों को पार्षदी का टिकट दिया है. बीजेपी के इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि यह महज संयोग है या पार्टी की सोची समझी रणनीति.
जयपुर निकाय चुनाव में दिखा बीजेपी का 'मुस्लिम प्रेम', पता है कितने टिकट बांटे?
जयपुर नगर निगम का चुनाव चर्चा में है, क्योंकि बीजेपी ने इस बार यहां 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है. पार्टी ने पिछले कुछ चुनावों में प्रतीकात्मक तौर पर एक या दो मुस्लिम उम्मीदवारों पर ही भरोसा जताया था. ऐसे में पार्टी का ये फैसला चर्चा का विषय बन गया है.

बीजेपी ने मुस्लिमों को दिया 8 टिकट
जयपुर में नगर निगम की कुल 150 सीटें हैं. शहर के अंदरूनी इलाको में कई वार्ड ऐसे हैं, जहां मुस्लिम वोटर्स की भूमिका काफी अहम हो जाती है. ऐसे में बीजेपी ने 8 मुस्लिम चेहरों पर दांव खेला है. इससे पहले बीजेपी ने साल 2014 के निकाय चुनाव में एक और साल 2020 के चुनाव में दो मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था. इस बार पार्टी ने सबसे बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है.
मुस्लिम बहुल इलाकों में टिकट
बीजेपी के नेताओं ने बताया कि पार्टी ने मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों को टारगेट करके ये रणनीति अपनाई है. इसका मकसद अल्पसंख्यक बहुल वार्डों में कांग्रेस की पकड़ को चुनौती देना है. बीजेपी प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने बताया,
उम्मीदवारों का चुनाव वार्ड्स के कंपोजिशन को ध्यान में रख कर किया गया है. बीजेपी को भरोसा है कि मुस्लिम वोटर्स उसके विकास के एजेंडे का समर्थन करेंगे.
बीजेपी ने आठ मुस्लिम उम्मीदवार दिए हैं, जिनमें से तीन ने हवा महल इलाके के वार्ड 136, 137 और 146 से नॉमिनेशन किया है. वहीं किशनपोल के वार्ड 109 और 113 और आदर्श नगर के वार्ड 117 और 128 से दो-दो उम्मीदवारों को टिकट मिला है. इसके अलावा विद्याधर नगर जोन के वार्ड 19 से पार्टी ने एक और मुस्लिम उम्मीदवार पर दांव लगाया गया है.
बीजेपी के एक सीनियर नेता ने बताया,
आखिरी परिसीमन में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक बहुल इलाकों को मिलाकर वार्ड बनाना था. लेकिन कुछ वार्डों में अल्पसंख्यकों का वर्चस्व बना रह गया. बीजेपी अब इन वोटर्स तक पहुंचने के लिए मुस्लिम उम्मीदवारों पर भरोसा जता रही है.
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बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े नेता सादिक खान इसे दूसरी नजर से देखते हैं. उनका कहना है कि मुस्लिम कार्यकर्ताओं को लंबे समय के बाद उम्मीद से ज्यादा टिकट मिले हैं. पार्टी के भीतर इसे मुस्लिम समुदाय के बीच अपना आधार मजबूत करने की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
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