पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विवादित वीडियो को उनकी छवि खराब करने वाला बताया है. उनका कहना है कि वीडियो में दिख रहे शख्स का चेहरा, कद, बॉडी स्ट्रक्चर कुछ भी उनसे नहीं मिलता है.
सिख गुरुओं की बेअदबी करने वाला 'दो इंच लंबा' था, अब भगवंत मान फोरेंसिक रिपोर्ट ले आए
Bhagwant Mann Video controversy: हाल में अकाल तख्त ने इस वीडियो को सही मानते हुए भगवंत मान को ‘खालसा पंथ विरोधी’ और ‘गुरु विरोधी’ घोषित कर दिया था.


सीएम मान से जुड़ा ये विवाद इसी वीडियो के बाद शुरू हुआ था. क्लिप में एक शख्स सिख गुरुओं और सिख धर्म से जुड़े दूसरी सम्मानित व्यक्तियों की तस्वीरों पर कथित तौर पर शराब के छींटे मारता दिखता है. दावा किया गया कि ये शख्स 'पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान' हैं. हाल में अकाल तख्त ने इस वीडियो को सही मानते हुए भगवंत मान को ‘खालसा पंथ विरोधी’ और ‘गुरु विरोधी’ घोषित कर दिया.
'वीडियो में दिख रहा शख्स दो इंच लंबा'18 जून को भगवंत मान ने एक्स पर वीडियो मैसेज में आरोप लगाया कि ये विवाद उनकी छवि खराब करने के मकसद से लगाए गए हैं. क्योंकि कुछ ताकतें पंजाब की प्रगति और उनकी सरकार को मिल रहे जनसमर्थन को स्वीकार नहीं कर पा रही थीं.
मान ने दावा किया,
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने वीडियो के 1191 फ्रेम की जांच की. पाया कि उनमें से कोई भी उनके चेहरे की बनावट, कद, शरीर की संरचना या शारीरिक रूप-रंग से मेल नहीं खाता था.
उनके अनुसार, फोरेंसिक रिपोर्ट में यह भी निष्कर्ष निकाला गया कि फुटेज में दिखने वाला व्यक्ति उनसे लगभग दो इंच लंबा था. मुख्यमंत्री ने कहा,
रिपोर्ट्स से साफ पता चलता है कि इस वीडियो को बनाने और इसे गलत तरीके से मुझे दिखाने के लिए किसी और व्यक्ति का इस्तेमाल किया गया था.
उन्होंने ये भी कहा कि इस रिकॉर्डिंग के बनने की जगह, समय और हालात अभी भी साफ नहीं हैं.
अपना बचाव करते हुए सीएम मान ने अपनी सरकार की कई पहलों का जिक्र किया. इनमें धार्मिक ग्रंथों को ले जाने वाले वाहनों पर टैक्स में छूट, अमृतसर, आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर का दर्जा देना और सिख इतिहास से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन शामिल है.
DGP को जांच का दिया निर्देशभगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब और सिख संगत के प्रति अपना सम्मान दोहराया. पंजाब के लोगों से अपील की कि वे राजनीतिक मकसद से रची गई साजिशों का शिकार न बनें. सीएम ने ये भी बताया कि उन्होंने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि वे इस वीडियो को बनाने, इसके लिए पैसे देने और इसे फैलाने में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उन्हें सामने लाएं.
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सुखबीर सिंह ने कहा-'6 महीने का समय था'भगवंत मान के फोरेंसिक रिपोर्ट के दावों पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सीएम के पास 6 महीने का समय था, उस दौरान वीडियो की जांच क्यों नहीं की गई. बादल ने दावा किया कि ये असली वीडियो है क्योंकि श्री अकाल तख्त साहिब ने इसकी जांच की थी. किसी को भी श्री अकाल तख्त साहिब पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है.
वहीं AAP नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दो लैब रिपोर्ट में क्लिप की जांच हुई. उनका दावा है कि फोरेंसिक जांच में 1191 अलग-अलग पहलुओं का विश्लेषण किया गया है. इनमें चेहरे की पहचान, लंबाई, शरीर के पॉस्चर और भगवंत मान के चलने, बात करने और खड़े होने के तरीके शामिल हैं. रिपोर्ट के आधार पर चीमा ने कहा कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति सीएम मान नहीं है.
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