आप देख रहे हैं औरतों से जुड़ा हमारा स्पेशल शो- म्याऊं. एकदम नए अवतार में. आज हम बात करेंगे ओरल सेक्स पर इलाहाबाद हाई कार्ट द्वारा की टिप्पणी की. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2016 में एक 10 वर्षीय बच्चे को उसके साथ ओरल सेक्स करने के लिए मजबूर करने के लिए दोषी ठहराए गए झांसी के एक व्यक्ति की जेल की अवधि को कम कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने कमेंट किया है कि ओरल सेक्स गंभीर अपराध की श्रेणी में नहीं आता. अदालतों द्वारा पहले की गई ऐसी अन्य टिप्पणियों के बारे में भी हम आपको बताएंगे. इसके बारे में जानने के लिए एपिसोड देखें.
म्याऊं: सेक्स क्राइम के मामलों में अदालतों की 5 चौंकाने वाली टिप्पणियां
ओरल सेक्स पर इलाहाबाद हाई कार्ट की टिप्पणी पर भी बवाल मचा है.
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