आप देख रहे हैं औरतों से जुड़ा हमारा स्पेशल शो- म्याऊं. भारत में महिलाएं डिग्री के लिए साइंस लेती हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही साइंस में आगे करियर बनाती हैं. हालांकि, इसका कारण साइंस में परफोर्मेंस नहीं है. एक गृहिणी के रूप में एक महिला की डिफ़ॉल्ट भूमिका और समाज की धारणा के कारण कि बच्चे के पालन-पोषण के लिए केवल महिलाएं ही जिम्मेदार हैं, करियर की जगह शादी एक महिला का पहला लक्ष्य माना जाता है. म्याऊं के इस एपिसोड में हमने यह जानने की कोशिश की कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों की संख्या कम क्यों है और उन्हें वहां किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
म्याऊं: इंजीनियरिंग कॉलेज में लड़कियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियों की संख्या कम क्यों है?
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