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अशोक गहलोत के असंवेदनशील बयान पर निर्भया की मां ने क्लास लगा दी!

दिल्ली गैंगरेप पीड़िता की मां बोलीं- बयान बताता है कि रेप पीड़ितों के लिए अशोक गहलोत के मन में कोई सहानुभूति नहीं है.

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बयान के बाद अशोक गहलोत की जमकर आलोचना हुई. (फोटो - इंडिया टुडे/ANI)

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) अपने एक हालिया बयान को लेकर चर्चा में हैं. गहलोत ने कहा कि निर्भया मामले में (Delhi Gangrape Murder Case) दोषियों को फांसी होने के बाद से रेप के बाद महिलाओं की हत्याएं बढ़ रही हैं. इस बयान पर ख़ूब बवाल हो रहा है. भाजपा से लेकर महिला आयोग ने बयान की निंदा की है और मुख्यमंत्री गहलोत के बयान को असंवेदनशील बताया है. अब निर्भया की मां आशा देवी (Asha Devi) ने कहा है कि CM गहलोत का कथन अपराधियों का समर्थन करने वाली मानसिकता को दर्शाता है.

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दिसंबर 2012 की निर्भया केस के बाद भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय साक्ष्य अधिनियम (IEA) और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) के कई प्रावधानों में बदलाव किए गए थे. 2013 में आपराधिक क़ानून (संशोधन) ऐक्ट लाया गया था. जस्टिस जे एस वर्मा की समिति ने रेप, रेप के कारण मृत्यु और गैंगरेप के मामलों में सज़ा को बढ़ाने की सिफारिश की थी. घटना के 8 साल बाद निर्भया के दोषियों को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी.

निर्भया की मां ने क्या कहा?

7 अगस्त को राजस्थान के CM गहलोत मीडिया से बात कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा,

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"निर्भया केस के बाद क़ानून बन गया है कि कि दोषी होने पर फांसी की सज़ा मिलेगी. इसके बाद से हत्या काफी बढ़ गईं. रेप करने वाला देखता है कि लड़की तो गवाह बन जाएगी मेरे ख़िलाफ़. इसलिए रेप के बाद हत्या भी कर देते हैं."

बयान के बाद अशोक गहलोत की जमकर आलोचना हुई. राजस्थान से आने वाले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कानून बच्चियों को दुराचार से बचाने के लिए बनाया गया था. और, गहलोत राजस्थान में महिला सुरक्षा की असल स्थिति को छिपाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं.

गहलोत के इस बयान पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने गहलोत पर निशाना साधा. कहा,

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"अशोक गहलोत को रेपिस्टों की भाषा बोलना बंद करना चाहिए. जिस तरह उन्होंने निर्भया का मज़ाक उड़ाया, उससे पूरे देश की रेप पीड़िताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. मुख्यमंत्री का काम है कि वो इस तरह के क़ानूनों को सख़्ती से लागू कराएं, न कि फालतू की बयानबाजी करें."

अब इसी मामले में निर्भया की मां का रिऐक्शन आया है. उन्होंने कहा,

ये एक बहुत शर्मसार करने वाला बयान है. दुखद है. ख़ासतौर पर रेप पीड़िताओं और उनके परिवार के लिए. गहलोत ने निर्भया का मज़ाक उड़ाया है. उन्हीं की सरकार ने वो क़ानून बनाए थे. और, क़ानून आने से पहले भी लड़कियों की हत्या कर दी जाती थी. ये बयान उनकी (सीएम गहलोत) मानसिकता बताता है. ऐसा लगता है कि पीड़ितों के लिए उनके मन में कोई सहानुभूति नहीं है. क़ानून बुरा नहीं है, लोगों की मानसिकता बुरी है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफ़ा दे देना चाहिए."

दूसरी तरफ़, सारी आलोचनाओं के बीच गहलोत अपने बयान को लेकर अडिग हैं. उन्होंने कहा,

"मैंने केवल सच बोला है. जब भी कोई रेपिस्ट किसी बच्ची का रेप करता है, तो पहचाने जाने के डर से उसकी हत्या कर देता है. इतनी मौतें पहले कभी नहीं हुई हैं."

स्वाति मालीवाल ने अपने बयान में ये भी कहा था कि उन्होंने कई बार देश के प्रधानमंत्री को चिठ्ठी लिखी है कि जब भी कोई नेता इस तरह के महिला-विरोधी बयान देता है या कोई महिला-विरोधी काम करता है, तो उसे और सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए.

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