"11 जनवरी की सुबह स्टूडेंट ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी. उसने अपनी मां के ही सामने नाश्ता भी किया. स्टूडेंट ने अपनी मां को बताया कि आज उसका एग्जाम है. इसके बाद जब उसकी मां ने दोपहर में करीब तीन बजे फोन मिलाया, तो उसका फोन स्विच ऑफ था."मृतका का फोन न मिलने पर उनके दोस्तों से संपर्क किया गया. घरवालों को पता चला कि वह न तो एग्जाम में शामिल हुई और न ही लंच करने गई.

बीते दिनों झारखंड में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की बहुत सी खबरे आई हैं. इस बार एक मेडिकल छात्रा के हाथ-पैर बांधकर उसे पतरातू डैम में फेंक दिया गया. (प्रतीकात्मक चित्र)
अगली सुबह कुछ लोगों को रामगढ़ जिले के पतरातू डैम के पास उसकी लाश मिली. इसकी जानकारी मृतका के भाई को दी गई. घरवालों ने क्लासमेट्स पर ही उसकी हत्या का आरोप लगाया. इसके बाद अगले दिन मृतका को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन हुआ. पुलिस का क्या कहना है? यह मामला झारखंड के तीन जिलों से जुड़ा हुआ है. गोड्डा जिला, जहां की मृतका रहने वाली थी. रामगढ़ जिला, जहां शव मिला और हजारीबाग जिला, जहां वह पढ़ाई कर रही थी. मामला काफी संवेदनशील है और इसमें बलात्कार की आशंका भी जताई जा रही है. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से मौत होने की बात सामने आई है. लेकिन बलात्कार को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. इस संबंध में हमने झारखंड के डीआईजी अमोल विश्वकांत होमकर से बात की. उन्होंने बताया-
"परिजनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इस मामले को हम बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. रामगढ़ और हजारीबाग के एसपी के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीम बनाई गई हैं. कुल मिलाकर 17 टीमें हैं. कॉलेज के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं. संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. जल्द ही हम इस मामले की तह तक पहुंच जाएंगे."यह पूछने पर कि क्या इस मामले में बलात्कार की पुष्टि हुई है, होमकर ने कहा कि अभी हम इस बात की जानकारी नहीं दे सकते हैं. हालांकि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है.
हमने डीआईजी से यह भी पूछा कि क्या अभी तक कोई गिरफ्तारी हुई है. इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
झारखंड डीआईजी से हमारी यह बात 15 जनवरी को हुई थी. आज फिर से हमने उन्हें संपर्क किया. उन्होंने कहा कि वह अभी हमारे सवालों का जवाब देने में असमर्थ हैं. झारखंड सरकार पर उठ रहे हैं सवाल ज़ाहिर है, इस मामले को लेकर इलाके के लोगों में गुस्सा है. एक तरफ जहां लोग गोड्डा के शहीद स्मारक पर मोमबत्तियों के साथ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं मृतका को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर भी मुहिम छेड़े हुए हैं. घटना के आठ दिन बीत जाने के बाद भी जांच का कोई अता पता नहीं है.
बीते दिनों भी झारखंड में महिलाओं के खिलाफ वीभत्स हिंसा और बलात्कार की खबरें आई हैं. ऐसे में लोग प्रदेश की सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं. खासकर, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे नजर आ रही है. पिछली बार हुए एक विरोध प्रदर्शन में प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमले की कोशिश भी हुई थी.
हालांकि, दूसरी तरफ प्रदेश सरकार लगातार लोगों को यह विश्वास दिलाने में लगी हुई है कि जल्द ही अपराधियों पर शिकंजा कस लिया जाएगा. इस मामले में भी प्रदेश सरकार की तरफ से कृषि मंत्री बादल पत्रलेख मेडिकल स्टूडेंट के परिजनों से मिले. पत्रलेख ने दोषियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की बात कही.
हालांकि सच तो यही है कि सरकार के आश्वासन से न गई हुई बेटियां वापस आती हैं. न ही आने वाली पीढ़ी की बेटियां सुरक्षित हो पाती हैं.













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