सपा-बसपा-रालोद गठबंधन से निषाद पार्टी को खींचकर भाजपा ने उत्तर प्रदेश में नंबर बढ़ा लिए हैं
निषाद पार्टी का पूरा इतिहास जान लीजिए.
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निषाद पार्टी. वो पार्टी जिसने 2018 में गोरखपुर उपचुनाव में बीजेपी के दांत खट्टे कर दिए थे. वही गोरखपुर जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 बार सांसद रहे. उनसे पहले उनके गुरू महंत अवैद्यनाथ चार बार सांसद रहे. योगी जब यूपी के सीएम बने तो सांसदी छोडनी पड़ी थी. और उपचुनाव में हाथ से सीट निकल गई. अभी तक सपा बसपा गठबंधन के साथी रही निषाद पार्टी ने भाजपा का दामन थाम लिया है. जानिए ये उलटफेर यूपी की राजनीति को कितना प्रभावित करेगी?
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