आपके लिए शिमला क्या है? शनिवार-इतवार की छुट्टी. पहाड़ों पर बर्फ. मॉल रोड. अगर हम शिमला को यहीं तक देख पा रहे हैं तो हमें अपनी समझ का दायरा बढ़ाने की जरूरत है. इतिहास में थोड़ा नजर गड़ाने की जरूरत है.
दी लल्लनटॉप शो: हिमाचल में बाढ़-भूस्खलन से मची तबाही का जिम्मेदार कौन?
पहाड़ों पर आई तबाही वाकई में प्राकृतिक आपदा है या फिर मैन मेड डिज़ास्टर.
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- साल 1864. शिमला को अंग्रेजों ने समर कैपिटल ऑफ इंडिया घोषित किया.
- साल 1913. शिमला में चीन, तिब्बत और भारत का सम्मेलन हुआ.
- साल 1945. शिमला कॉन्फ्रेंस. जिसमें अंग्रेजों के भारत छोड़ने के बाद की रूपरेखा तय हुई.
- साल 1972. भारत-पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता. जिसमें ये तय हुआ कि कश्मीर समेत दोनों देशों के विवादों को आपस में शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाएगा.
ये है इस शहर का इतिहास. वही शहर जिसकी दरकती हुईं तस्वीरें हमारे-आपके वॉट्सएप पर एक वायरल क्लिप बनकर रह गई हैं.
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तो आज बड़ी खबर में बात होगी शिमला की. बात होगी हिमाचल उत्तराखंड की. बात होगी पहाड़ों की. और हम समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर पहाड़ों पर इन आपदाओं की असल वजह क्या है? क्या वाकई ये प्राकृतिक आपदाएं हैं. या फिर मैन मेड डिज़ास्टर.

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